Saturday, October 16, 2021

नवरात्रि का दूसरा दिन: विद्यार्थी और तपस्वी को जरूर मां ब्रह्मचारिणी की करनी चाहिए पूजा, मिलते हैं ये लाभ

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7 अक्टूबर से शारदीय नवरात्र की शुरूआत हो गई है। आज नवरात्रि का दूसरा दिन है। इस दिन मां के ब्रह्मचारिणी स्वरुप की पूजा अर्चना की जाती है। इनको ज्ञान, तपस्या और वैराग्य की देवी माना जाता है। ये कठोर साधना और ब्रह्म में लीन रहती थी इसी लिए इनको ब्रह्मचारिणी कहा गया है। सभी विद्यार्थी और तपस्वी अगर इनकी पूजा करते है तो उन्हें बहुत लाभदायक होगा। जिनका चन्द्रमा कमजोर हो उनके लिए भी मां ब्रह्मचारिणी की उपासना करना फलयादी रहेगा।

सफेद वस्तुएं ही चढ़ाए

मां ब्रह्मचारिणी की पूजा विधि- नवरात्रि के दूसरे दिन अगर आप मां ब्रह्मचारिणी की पूजा करते है तो आप पीले या सफेद कपड़ा पहने। मां को सफेद वस्तुएं ही चढ़ाए जैसे कि मिसरी, शक्कर या पंचामृत। पूजा करते समय आप ज्ञान और वैराग्य का कोई भी मंत्र का जाप कर सकते है। मां ब्रह्मचारिणी के लिए “ॐ ऐं नमः” का जाप जरूर करें। जलीय आहार और फलाहार पर विशेष ध्यान देना चाहिए।

 

नवरात्रि के दूसरे दिन सफेद वस्त्र पहने। इस दिन माता के मन्त्रों के साथ चन्द्रमा के मंत्रों का जाप भी करें। अगर हो सके तो इस दिन माता को चांदी की वस्तु भी अर्पित करें। इस दिन शिक्षा तथा ज्ञान के लिये मां सरस्वती की उपासना भी करें। नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी को शक्कर का भोग लगाएं। माता का लगाया हुआ भोग पूरे घर में दें। ऐसा करने से घर के सभी सदस्यों को लंबी आयु का वरदान मिलता है।

मां ब्रह्मचारिणी की उपासना से मिलते हैं ये लाभ- माता का रूप बहुत ही शांत, सौम्य और मोहक है। कहते है जो भक्त मां के इस रूप की पूजा करते है उन्हें तप, त्याग, वैराग्य और सदाचार जैसे गुणों की प्राप्ति होती है। मां के इस स्वरूप को पूजने से साधक होने का फल मिलता है। मां ब्रह्मचारिणी की पूजा करने से व्यक्ति को हर कार्य में सफलता मिलती है और वो हमेशा सही मार्ग पर चलता है।

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