गीता जयंती: भगवान श्रीकृष्ण ने आज के ही दिन अर्जुन को दिया था गीता का ज्ञान, सफलता के बताए हैं ये अचूक मंत्र

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गीता जयंती आज यानी 25 दिसंबर को मनाई जा रही है। गीता जयंती प्रत्येक वर्ष मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष की एकादशी के दिन मनाई जाती है। मान्यता के अनुसार, इस ही दिन अर्जुन को भगवान श्रीकृष्ण ने गीता का उपदेश दिया था। भगवान श्री कृष्ण ने श्रीमद् भागवत गीता के जरिए लोगों को धर्म, जीवन, देश, समाज, राजनीति, ज्ञान और विज्ञान के विषय से परिचित कराया है। हम गीता में बताई गईं बातों को अगर अपने जीवन में अपना लें तो जीवन कल सफल हो जाएगा।

  • भगवान श्री कृष्ण ने गीता में कहा है कि, किसी भी काम में सफलता पाने के लिए हमे सबसे पहले एक योजना बनानी चाहिए। एक योजना के तहत किये गए काम में सफलता जरूर मिलती है।
  • सभी के भी जीवन में संगत का प्रभाव जरूर पड़ता है। अगर आपकी दोस्ती अच्छे लोगों के साथ नहीं हैं और आप खुद भले ही कितने भी अच्छे हो लेकिन आप फिर भी बर्बाद हो जायेंगे। कभी किसी से भी दोस्ती करते वक़्त एक बार जरूर सोच लें। बुरी संगत का असर महाभारत में भी देखने को मिला था। जहां दुर्योधन ने मामा शकुनि की बातों में आकर अपना पूरा राजपाठ नष्ट कर लिया।
  • गीता में भगवान श्रीकृष्ण ने कहा है कि, कभी भी किसी भी काम की शुरुआत अधूरे ज्ञान के साथ नहीं करनी चाहिए। समाज कभी भी उस व्यक्ति को गंभीर नहीं लेता है, जिसके बाद अधूरा ज्ञान हो। अधूरा ज्ञान हमेशा काम को खराब ही करते हैं।
  • श्रीकृष्ण ने गीता में कहा कि, किसी से भी आंख बंद करके मित्रता नहीं करनी चाहिए। एक सच्चे मित्र की पहचान करनी जरुरी है। महाभारत के समय ऐसा देखने को मिला था जब मित्रता के नाम पर लोगों ने एक दूसरे को धोखा दिया था। जो खास दोस्त बन आपकी कमिया जानकर दुश्मन को बता देते हैं।

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