हस्तरेखा विज्ञान : अगर हथेली में है यह रेखा तो जरूर जाएंगे विदेश

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हस्तरेखा विज्ञान

हमारे ज्योतिष शास्त्र में हस्तरेखा विज्ञान का बड़ा महत्व है, जिनको हस्तरेखा विज्ञान की जानकारी होती है, वह हाथ की लकीरें देख कर व्यक्ति का भूत,भविष्य और वर्तमान बता देते हैं। किसी इंसान की जिन्दगी में क्या घटित होने वाला है इनकी जानकारी हाथ की लकीरों में निहित होती है। आज हम आपको इसी हस्तरेखा से जुडी कुछ जानकारी देंगे,जिससे आप यह आसानी से पता कर सकते हैं कि आपकी किस्मत में विदेश यात्रा का योग है कि नहीं। ज्योतिष बताते हैं कि व्यक्ति की हथेली में मौजूद चन्द्र पर्वत और बुध पर्वत पर मौजूद रेखाएं धन व यात्रा की कारक होती है। कहा जाता है कि यदि कोई रेखा चन्द्र पर्वत से निकलकर बुध पर्वत तक पहुंचे तो व्यक्ति को यात्रा के दौरान धन लाभ होता है।

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इसी तरह से यदि किसी व्यक्ति की हथेली में चन्द्र पर्वत से यात्रा रेखा निकल कर हथेली के मध्य से वापस मुड़कर फिर से फिर चन्द्र पर्वत पर आ जाये तो ऐसा व्यक्ति व्यापार या नौकरी के लिए विदेश जाता है,लेकिन वह आजीवन विदेश में नहीं रहता। ऐसा व्यक्ति किसी मजबूरी के चलते वापस लौट आता है। वहीं यदि यात्रा रेखा चन्द्र पर्वत से निकल कर सीधे गुरु पर्वत तक पहुँच जाये तो व्यक्ति लंबी दूरी या फिर बहुत अधिक विदेश यात्रायें करता है।

वहीं अगर किसी स्त्री या पुरुष की हथेली में यात्रा रेखा चन्द्र पर्वत से निकलकर ह्रदय रेखा में जाकर मिलती है तो यात्रा के दौरान प्रेम संबंध या फिर प्रेम विवाह की संभावना बढ़ जाती है , लेकिन यदि यात्रा रेखा पार कोई क्रास या फिर चतुष्कोण बन जाये तो व्यक्ति का बना बनाया कार्यक्रम भी रद्द हो जाता है। यदि व्यक्ति के चंद्र और शुक्र पर्वत उन्नत एवं पुष्ट हो और जीवन रेखा पूरे शुक्र क्षेत्र को घेरती हुई शुक्र पर्वत के मूल तक चली जाए व चंद्र पर्वत पर यात्रा रेखा भी कटी फटी न हो तो ऐसा व्यक्ति अपने जीवन में कई बार विदेश यात्रा करता है। वहीं चन्द्र पर्वत से निकली यात्रा रेखा मस्तिष्क रेखा से मिल रही है तो व्यक्ति को विदेश में व्यवसायिक समझौते और बैद्धिक अनुबंध करना पड़ता।

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