कृषि कानूनों को लेकर सड़क से संसद तक मचा बवाल, अब किसान महापंचायत में बनेगी आगे की रणनीति

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नई दिल्ली। केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए तीन नए कृषि कानूनों को लेकर अब सड़क से लेकर संसद तक हंगामा दिख रहा है। अन्नदाता सड़कों पर कानून वापसी की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। वहीं, सरकार कानून को वापस लेने के मूड में नहीं नजर रही है और वह बातचीत से सारी समस्या का हल ढूढ़ रही है। कृषि कानूनों को लेकर विपक्ष लगातार सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है, जिसकी वजह से मंगलवार को कई बार संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।

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वहीं आज हरियाणा के जींद में किसानों की होने वाली महापंचायत में किसान आंदोलन को धार देने को लेकर आगे की रणनीति बनाई जाएगी। हरियाणा के जींद में होने वाली किसान महापंचायत में भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत भी शिरकत करेंगे और आगे की रणनीति का एलान करेंगे। किसान महापंचायत की सारी व्यवस्था जींद के कंडेला गांव में की जा चुकी है। सर्वजातीय कंडेला खाप के प्रमुख टेकराम कंडेला ने बताया कि भाकियू नेता राकेश टिकैत के अलावा खाप पंचायत के नेता भी महापंचायत में शामिल होंगे।

विपक्षी दलों ने दिया खुला समर्थन

गौरतलब है कि कृषि कानूनों के विरोध में देश भर के हजारों किसान दिल्ली कि सीमाओं पर बीते नवबंर २०२० से प्रदर्शन कर रहे हैं। किसान आंदोलन को तमाम विपक्षी दलों का भी खुला समर्थन मिल रहा है। वहीं, संसद में भी किसान आंदोलन का मुद्दा गरमाया हुआ है। कृषि कानूनों और किसान आंदोलन को लेकर संसद में मचे हंगामे की वजह से दोनों सदनों की कार्रवाही दो बार स्थगित की गयी। वहीं कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर का कहना है सरकार कृषि कानूनों को लेकर किसानों से हर स्तर पर बात करने क तैयार है।

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