डायनामाइट विस्फोट में गई छह लोगों की जान, एक जख्मी, पीएम ने जताया दुःख

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बेंगलुरु। कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ। यहां एक डायनामाइट विस्फोट में छह लोगों की मौके पर ही मौत हो गयी, जबकि एक व्यक्ति घायल हो गया है। घटना की खबर मिलते ही स्थानीय पुलिस समेत डिस्पोजल और फोरेंसिक टीम भी मौके पर पहुंच चुकी है। इस हादसे को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुःख जताया है।

बैंगलुरु से करीब 60 किमी की दूरी पर स्थित चिक्कबल्लापुर जिले में डायनामाइट विस्फोट हो गया है। यह हादसा मंगलवार को उस वक्त हुआ जब सात लोग अवैध विस्फोटकों को डिस्पोज करने के प्रयास में लगे थे। घटना के बारे में पुलिस महा निरीक्षिक ( (केंद्रीय रेंज) एम. चंद्रशेखर ने बताया कि शुरूआती जांच से ऐसा लग रहा है कि कुछ लोग अवैध विस्फोटकों को डिस्पोज करने की कोशिश कर रहे थे तभी यह हादसा हो गया।

हादसे के बारे में बात करते हुए घायलों को अस्पताल में ले जाने वाली एंबुलेंस के ड्राइवर ने बताया कि हमें सुबह तकरीबन 1:20 बजे फोन किया गया था इसके बाद हम घटनावाली जगह पर 1:40 पर पहुंचे। ड्राइवर ने कहा फोन पर हमें हादसा बताया गया था, लेकिन जब वहां पहुंचे तब ब्लास्ट के बारे में पता चला और वहां पर पांच लोग मौजूद थे। इधर पुलिस ने खदान के तीन मालिकों की पहचान कर ली है और कानूनी कार्रवाई शुरू हो गई है।

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कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री डी. सुधाकर ने घटना के बारे में बताते हुए कहा ‘डायनामाइट विस्फोट में मरने वालों में दो कर्नाटक, तीन आंध्र प्रदेश और एक नेपाल के रहने वाले थे। स्वास्थ्य मंत्री के मुताबिक विस्फोटक ब्रम्हा वर्शिनी खदान का था। इस खदान को कानूनी रूप से मान्यता मिली हुई है लेकिन गत सात फरवरी को विस्फोटक को सही तरीके से नहीं रखने और साइट पर इंजीनियर के नहीं होने की वजह से इसे बंद कर दिया गया था। इसके बाद खदान के मालिक ने डायनामाइट विस्फोटक पदार्थ को कर्मचारियों से दो किलोमीटर दूर गुडुबंडे के जंगल ले जाने के लिए कहा होगा।”

जांच के बाद सच आएगा सामने

उन्होंने आगे बताया कि विस्फोटकों को एक मिनी ट्रक और दो बाइक के जरिए से ले जाया गया। सात लोग यहां आए। स्वास्थ्य मंत्री के मुताबिक डिस्पोजल टीम ने मोबाइल फोन से मिलने वाले सिग्नल से भी विस्फोट होने की आशंका जाहिर कि है लेकिन पूरा सच तो जांच होने के बाद ही सामने आएगा।

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