राकेश टिकैत ने सरकार को दिया आखिरी अल्टीमेटम, बोले-किसी दबाव में नहीं होगी इस मुद्दे पर चर्चा

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rakesh tikait

नई दिल्ली। कृषि कानूनों के खिलाफ आज देश के तमाम राज्यों में हुए शांति पूर्ण चक्का जाम के बाद किसान नेता राकेश टिकैत ने सरकार को कानून वापस लेने के लिए दो अक्टूबर तक का समय दिया है। उन्होंने कहा अगर सरकार दो अक्टूबर तक कानून वापस नहीं लेती तो किसान और मजबूती से कानून का विरोध करेंगे। उन्होंने कहा सरकार नोटिस भेजकर किसानों को डरा रही हैं,लेकिन हम किसी दबाव में आकर इस मुद्दे पर सरकार से चर्चा नहीं करेंगे।

गौरतलब है कि केंद्र सरकार द्वारा लागू किये गए तीन नए कृषि कानून किसानों को बिलकुल भी रास नहीं आ रहे हैं। वह इस कानून को वापस लेने की मांग करते हुए करीब 73 दिन से दिल्ली की सीमाओं पर आंदोलन कर रहे हैं। इसी कड़ी में किसानों ने 26 जनवरी को किसान ट्रैक्टर रैली निकाली थी और आज देश के कई राज्यों में चक्का जाम किया गया था। उन्होंने कहा किसानों का आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक सरकार कृषि कानूनों को वापस नहीं लेती और न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर नया कानून नहीं बनाती। टिकैत ने कहा यह आंदोलन पूरे देश में चलेगा, हम पूरे देश में यात्रायें करेंगे और इस आंदोलन में और तेजी लाएंगे।

केंद्र सरकार पर लगाया यह आरोप

उन्होंने कहा सरकार किसानों को नोटिस भेजकर डरा रही है, लेकिन किसान डरने वाले नहीं हैं। किसानों की डाली मिट्टी पर जवान का पहरा हैं। इससे व्यापारी हमारी जमीन पर बुरी नजर नहीं डालेगा। हमारा मंच और पंच एक ही है। राकेश टिकैत ने कहा वर्तमान केंद्र सरकार किसानों कि हितैषी नहीं है, वह तो व्यापारियों कि हितैषी है। बता दें कि कृषि कानूनों को लेकर किसान अब सरकार से आरपार की लड़ाई के मूड में हैं। सरकार जहां इन कानूनों कृषि क्षेत्र में बड़े सुधार के तौर पर पेश कर रही हैं। वहीं किसानों को डर है इस कानून व्यवस्था से वह कारपोरेट जगत पर निर्भर हो जायेंगे।

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