रेल रोको आंदोलन : अब किसानों ने ललकारते हुए यात्रियों से मांगा सहयोग

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किसान अपने (justice) को लेकर तीन महीने से दिल्ली की सड़को पर (On the streets )पड़े है। कई कोशिशों के बाद किसान आज फिर एक नई कोशिश करने जा रहे है। उनकी नई कोशिश हैं, रेल रोको आंदोलन। किसान इसके विरोध में कृषि कानूनों के विरोध में आज किसान एक बार फिर सरकार को ललकारने वाले हैं। किसानों की ओर से रेल रोको आंदोलन का आह्वान किया गया है। आंदोलनरत किसान जहां एक ओर लगातार भारत सरकार से बातचीत का आह्वान कर रहे हैं वहीं दूसरी ओर आंदोलन को धार देने में भी जुटे हैं। इसी कड़ी में आज संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से पूरे देश में रेल रोको आंदोलन किया जाएगा।

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यात्रियों से मांगा सहयोग


दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक किसान अपने पास के सभी रेलवे स्टेशन पर जाकर आने वाली रेलों को रोकेंगे। किसान रेलों का पूरे विधि विधान से स्वागत करके यानि पहले रेल को फूलों का माला पहनाकर स्वागत करेंगे। उसके बाद संवाद करेंगे। इस दौरान आंदोलनकारी किसान रेल यात्रियों को पानी, दूध और चाय भी पिलांएगे। दूध की व्यवस्था बच्चों के लिए की गई है।

बुधवार को भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने यूनियन के सभी कार्यकर्ताओं से दूध, चाय और पानी की व्यवस्था कर अपने नजदीकी रेलवे स्टेशन पर पहुंचने की मांग करी है। साथ ही उन्होंने कहा कि रेल रोकने के दौरान शांति बनाकर रखे। इतना ही नहीं उन्होंने यात्रियों से भी इस बात कि मांग की, कि वह हमें अपना थोड़ा सा समय दें। हमारे आंदोलन में हमारा साथ दे,ताकि हमे न्याय मिल सके।

सरकार करें गंभीरता से विचार

आंदोलनकारी किसान रेलवे स्टेशनों पर जाकर रेल यात्रियों से संवाद स्थापित करेंगे और उन्हें बताएंगे कि देश का अन्नदाता, जिसे अपने खेत में होना चाहिए था, करीब तीन माह से दिल्ली की सीमाओं पर घर, काम छोड़कर पड़े हुए हैं। भारत सरकार हमारी मांगों पर गंभीरता से विचार करे, इसके लिए वे रेल यात्रियों से समर्थन की अपील भी करेंगे।

 

गाजीपुर बार्डर आंदोलन कमेटी के सदस्य जगतार सिंह बाजवा ने बताया कि किसानों को सोशल मीडिया पर सही जानकारी उपलब्ध कराने के लिए और गुरूवार को रेल रोको आंदोलन को सफल बनाने के लिए सोशल मीडिया पर किसानों को सक्रिय करने की मुहिम तेज की जा रही है। जिससे सारे आंदोलन कारी किसानों को सोशल मीडिया की जानकारी दी गई हैं।

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