टूलकिट मामले में पुलिस ने बढ़ाई सख्ती, साजिश को दे रहे अंजाम

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Conspiracy

कृषि प्रदर्शन (Agricultural demonstration) मामला बहुत जोरों से चल रहा हैं। तीन कृषि कानूनों को लेकर हो रहे प्रदर्शन से जुड़ी ‘टूलकिट’ (Toolkit) सोशल मीडिया पर साझा करने के मामले में निकिता जैकब और शांतनु के खिलाफ भी गैर जमानती वारंट जारी हो चुका है। अब दोनों की खैर नहीं। दोनों की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस कड़ी मेहनत कर रही हैं। लोकेशन मिलते ही पुलिस दोनों को गिरफ्तार कर लेगी। इससे पहले रविवार को दिल्ली पुलिस ने बंगलुरु से दिशा रवि को भी इस मामले में गिरफ्तार किया था।

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जल्द होंगे पुलिस की कैद में

साइबर क्राइम यूनिट टूलकिट मामले में गिरफ्तारी को लेकर दिल्ली पुलिस ने पहले ही संकेत दे चुके थे। इस मामले में निकिता और शांतनु का नाम पलहे नंबर पर है। पुलिस इन दोनों की भूमिका की जांच कर रही थी। जल्द ही वह पुलिस की कैद में होंगे।

हिंसा को लेकर हो रही साजिश

टूलकिल की जांच में यह बात सामने आई है कि बेवजह लोग भारत सरकार को बदनाम करने की साजिश रच रहे हैं। जिसमें दिशा समेत कई लोगों के नाम शामिल हैं। दिल्ली पुलिस आयुक्त एसएन श्रीवास्तव ने किसान हिंसा को लेकर एक साजिश के तहत अंजाम देने के संकेत दिए थे। उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच बड़ी तेजी से की जा रही है और जल्द ही इसमें खुलासा किया जाएगा।

भारत सरकार को बदनाम करने के लिए यह साजिश उनकी धरी की धरी रह जायेगी। दिल्ली पुलिस अधिकारियों के अनुसार भारत सरकार को बदनाम करने के लिए कई लोग इस साजिश के तहत जुड़े। इसके लिए ये लोग खालिस्तान समर्थक पोएटिक जस्टिस फाउंडेशन से जड़े। 

एक साजिश हैं टूलिकट

दिल्ली सरकार का कहना हैं कि किसान आंदोलन के मद्देनजर टूलकिट अभियान एक सोची समझी साजिश के तहत चलाया गया था। इससे पहले दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को गूगल और अन्य सोशल मीडिया कंपनियों से ‘टूलकिट’ बनाने वालों से जुड़े ईमेल आईडी, डोमेन यूआरएल और कुछ सोशल मीडिया अकाउंट की जानकारी देने को कहा था।

चार फरवरी को दर्ज मामले में दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा था कि शुरुआती जांच से पता चला है कि दस्तावेज के तार खालिस्तान-समर्थक समूह ‘पोएटिक जस्टिस फाउंडेशन’ से जुड़े हैं। बता दें कि स्वीडन की 18 साल की क्लाइमेट एक्टिविस्ट ग्रेटा थनबर्ग ने भारत में चल रहे किसान आंदोलन के समर्थन में कहा की यह भारत में अशांति फैलाने की सोची समझी साजिश हैं।

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