Thursday, January 20, 2022

नहीं भूल सकते बंटवारे का दर्द, PM मोदी का ऐलान 14 अगस्त को ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ मनाएगा देश

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पहले 14 अगस्त का दिन ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ के तौर पर मनाने का फैसला किया है। देश के बंटवारे को याद करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि उस दर्द को कभी भुलाया नहीं जा सकता है। लाखों भाइयों और बहनों को नफरत और हिंसा की वजह से विस्थापित होना पड़ा, इस दौरान लोगों की जान भी गई। उस बलिदान को याद करते हुए पीएम ने 14 अगस्त को ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ मनाने का निर्णय लिया है।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने ट्वीट में लिखा कि ‘देश के बंटवारे के दर्द को कभी भुलाया नहीं जा सकता। नफरत और हिंसा की वजह से हमारे लाखों बहनों और भाइयों को विस्थापित होना पड़ा और अपनी जान तक गंवानी पड़ी। उन लोगों के संघर्ष और बलिदान की याद में 14 अगस्त को ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ के तौर पर मनाने का निर्णय लिया गया है।’ पीएम ने अपने दूसरे ट्वीट में लिखा कि #PartitionHorrorsRemembranceDay का यह दिन हमें भेदभाव, वैमनस्य और दुर्भावना के जहर को खत्म करने के लिए न केवल प्रेरित करेगा, बल्कि इससे एकता, सामाजिक सद्भाव और मानवीय संवेदनाएं भी मजबूत होंगी।’

चुकानी पड़ी थी आजादी की कीमत
भारत को आज़ादी 15 अगस्त 1947 के दिन मिली थी लेकिन आजादी की बहुत कीमत देश को चुकानी पड़ी थी। अंग्रेजों ने देश छोड़ने से पहले इसके दो हिस्से कर दिए थे। 14 अगस्त के दिन भारत के दो हिस्से कर दिए गए और पाकिस्तान बना। 15 अगस्त के दिन लोग ट्रेनों से, पैदल और घोड़े-खच्चर से भारत से पाकिस्तान जा रहे थे और पाकिस्तान से भारत आ रहे थे। देश छोड़कर जा रहे और आ रहे लोगों के चेहरों पर ख़ुशी नहीं थी।

बंटवारे के अगले ही दिन दोनों देशों में दंगे शुरू हो गए थे। हिंसा में एक दो नहीं लाखों की जान गई। कुछ रिपोर्ट्स में यह आंकड़ा दस से बीस लाख तक बताई जाती है। इस दौरान हुई हिंसा में दंगाइयों ने किसी को भी छोड़ा। बच्चे से लेकर बूढ़े और महिलाएं सभी बंटवारे की भेंट चढ़े।

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