‘पीएम किसान सम्मान निधि घोटाला’ 33 लाख फर्जी लाभार्थियों की लिस्ट जारी, सरकार ने शुरू की वसूली

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नई दिल्ली। छोटे और सीमांत किसानों की सहायता के लिए पीएम नरेंद्र मोदी ने करीब तीन साल पहले ‘प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि स्कीम’ की शुरुआत की थी, लेकिन इस योजना में देश के अलग अलग राज्यों में सेंध लग चुकी हैं और करीब 33 लाख फर्जी लाभार्थियों ने इसका फायदा उठाया है। हालांकि केंद्र सरकार ने अब उन पर शिकंजा कसते हुए वसूली के आदेश दे दिए हैं।

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जानकारी के मुताबिक पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, बिहार, झारखंड, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र समेत कुल 18 राज्य व केंद्र शासित प्रदेश के 33 लाख किसान ऐसे हैं जो योग्यता न पूरी कर पाने के बावजूद स्कीम का लाभ ले रहे थे। इन अयोग्य लाभार्थियों ने सरकारी खजाने को करीब ढाई हजार करोड़ का चूना लगाया है। अब सरकार ने सख्ती दिखाते हुए ऐसे किसानों से वसूली के आदेश दे दिए हैं।

अधिकारियों पर भी कसेगा शिकंजा

वहीं सरकार ने उन अधिकारियों और कर्मचारियों पर भी शिकंजा कसने के संकेत दे दिए हैं जिन्होंने ऐसे अयोग्य लाभार्थियों के कागजात सत्यापित किये थे। बता दें कि ‘प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि स्कीम’ के तहत किसानों को हर चार महीने पर 2-2 हजार रुपये दिए जाते हैं। इस प्रकार योग्य किसानों को सालाना 6 हजार रुपये की मदद की जाती है, लेकिन वेरिफिकेशन प्रोसेस के तहत अब इस बात का खुलासा हुआ है कि इस स्कीम का लाभ 32,91,152 उन किसानों ने उठाया जो सरकार को टैक्स देते हैं।

158.57 करोड़ रुपये की हो चुकी है वसूली

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो कनार्टक में 2.04 लाख और तमिलनाडु में 6.96 लाख फर्जी लाभार्थियों है जिनसे सब तक 158.57 करोड़ रुपये की वसूली की जा चुकी है। जबकि गुजरात में 7 हजार से अधिक है, हरियाणा में 35 हजार, पंजाब में 4.70 लाख अयोग्य लाभार्थियों मिले है। वहीं उत्तर प्रदेश में फर्जी लाभार्थियों की संख्या 1.78 लाख राजस्थान में यह संख्या 1.32 लाख है।

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