पतंजलि, कोक, पेप्सिको और बिसलेरी पर लगा भारी जुर्माना, इन नियमों का किया उल्लंघन

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नई दिल्ली। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने पतंजलि, पेप्सिको, कोक और बिसलेरी पर भारी जुर्माना लगाया है। सभी पर कचरे के डिस्पोजल और कलेक्शन की जानकारी सरकार के साथ शेयर न करने के बाद प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2018 के तहत कार्रवाई की गई हैं। इन कंपनियों पर 72 करोड़ करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया गया है। कोका कोला पर सबसे ज्यादा 50.66 करोड़ रुपए का जुर्माना लगा है। वहीं बिसलेरी पर 10.75 करोड़ रुपए, पेप्सिको इंडिया पर 8.7 करोड़ रुपए और पतंजलि पर एक करोड़ रुपए का जुर्माना सीपीसीबी ने लगाया है।

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बाबा रामदेव की पेय प्राइवेट लिमिटेड को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष शिवदास मीना ने एक पत्र लिखा है। तीन फरवरी को पतंजलि को मिले इस पत्र में लिखा है कि, प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2016 के 9 (1) के अंतर्गत इन नियमों की घोषणा (प्रकाशन) की तारीख के बाद से 6 माह के अंदर, वेस्ट कलेक्शन सिस्टम के तौर-तरीकों पर विस्तारित निर्माता अपनी जिम्मेदारी के आधार पर काम करेगा। नियम 9 (2) के अंतर्गत निर्माता की जिम्मेदारी मल्टीलेयर प्लास्टिक सैशे, पाउच और पैकेजिंग के कलेक्शन, प्रोडेक्ट लेकर जो बाजार में इम्पोटर्स और उस ब्रांड के स्वामी की होगी। इन नियमों के मुताबिक, कंपनी को अपने प्रोडक्ट्स के प्लास्टिक कचरे को खुद वापस इकट्ठा करने के लिए एक सिस्टम बनाना होगा।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने अपने पत्र में कहा है कि, पतंजलि पिछले वर्ष फरवरी और अगस्त में प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2018 के प्रावधान के तहत रजिस्ट्रेशन करने के लिए आवेदन जमा करने के लिए 7 दिनों का वक़्त भी दिया गया था, लेकिन कंपनी ने कोई जवाब नहीं दिया। मामले को लेकर पतंजलि के प्रवक्ता ने कोई भी टिप्पणी करने से साफ़ इंकार कर दिया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने जवाब देने के लिए 15 दिनों का वक़्त दिया है।

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