परिम्पोरा मुठभेड़ को महबूबा ने बताया फर्जी, की निष्पक्ष जांच की मांग

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नई दिल्ली। पीडीपी नेता महबूबा मुफ्ती ने दो दिन पहले श्रीनगर में हुई मुठभेड़ को फर्जी करार देते हुए इसमें मारे गए तीन युवकों के शव को उनके परिवार को सौंपने और मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। महबूबा मुफ्ती ने जम्मू—कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा को पत्र लिखकर कहा है कि ऐसे मामलों से सशस्त्र बलों की बदनामी होती है और यह मानवाधिकार का गंभीर उल्लंघन भी है। साथ ही उन्होंने लिखा है कि मुझे विश्वास है कि आप 30 दिसंबर को परिम्पोरा के मुठभेड़ की घटना से अवगत होंगे।

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गौरतलब है कि इस मुठभेड़ में तीन लड़के मारे गए थे, जिसमें से एक की उम्र 17 साल थी। मारे गए लोगों के परिवारवालों ने आरोप है कि यह सुनियोजित मुठभेड़ थी। मुफ्ती ने लिखा है इस मुठभेड़ पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं और पुलिस तथा सेना की रिपोर्ट में विरोधाभाष है। इस घटना में त्वरित कार्रवाई होने पर ही इंसाफ हो सकेगा और इसलिए मैं आपसे इस मामले में तत्काल निष्पक्ष जांच शुरू करवाने का अनुरोध करती हूं। बता दें कि पुलिस ने बुधवार को दावा किया था परिम्पोरा इलाके में देर रात हुए मुठभेड़ में तीन आतंकी मारे गए हैं, लेकिन मारे गए युवकों के परिजनों ने दावा किया है कि ये सभी आतंकवादी गतिविधियों में संलिप्त नहीं थे और उनमें से दो छात्र भी थे।

पीडीपी नेता ने कहा कि यह घटना ऐसे वक्त हुई है जब बीते वर्ष शोपियां के अम्शीपुरा में कथित फर्जी मुठभेड़ में राजौरी के तीन लोगों के मारे जाने की घटना के मामले में एक सैन्य अधिकारी और दो अन्य कर्मियों के खिलाफ पुलिस ने आरोपपत्र दाखिल किया है। उन्होंने कहा कि उन्हें पता है कि श्रीनगर में प्रशासन तीनों युवकों के शवों को उनके परिवारों को लौटाने को लेकर आशंकित है। लेकिन ऐसे लापरवाहीपूर्ण फैसले से मृतकों के परिजनों का दुख और दर्द और बढ़ेगा।

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