पाकिस्तान में मंदिर तोड़े जाने पर बोला जाकिर नाईक, कहा— इस्लामिक देशों में नहीं होना चाहिए मंदिर

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नई दिल्ली। इस्लामिक प्रचारक जाकिर नाईक ने हिंदू धर्म को लेकर एकबार फिर जहर उगला है। उसने पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में हिंदू मंदिर को तोड़े जाने का समर्थन करते हुए कहा है कि इस्लामिक देशों में मंदिर नहीं होने चाहिए। जिन देशों में हैं उन्हें ढहा देना चाहिए। बता दें कि अपने विवादित बयानों के चलते जाकिर नाईक भगोड़ा घोषित हो चुका है। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह भागता फिर रहा है। लेकिन इस्लामिक कट्टरता के चलते भारत सहित दुनिया के अधिकतर देशों में उसके काफी प्रशंसक है, जो उसे छिपाने में मदद कर रहे हैं।

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जाकिर नाईक ने आगे कहा कि इस्लाम में कोई भी मूर्ति बनाना मना है, चाहे वह पेंटिंग हो, ड्राइंग हो या फिर किसी जीवित पशु पक्षी की मूर्तिकारी अथवा इंसानों की मूर्ति ही क्यों न हो। इस्लाम में यह सब कुछ मना है और इसके ढेर सारे साबूत भी हैं। अपनी बात प्रमाणित करने के लिए पैगंबर मोहम्मद का उदाहरण देते हुए उसने कहा, जब मोहम्मद काबा में लौटे तो उन्होंने करीब 360 मूर्तियों को तोड़ दिया जो काबा में थीं। इस्लामिक देशों में मूर्ति नहीं बननी चाहिए, अगर पहले से है तो उसे नष्ट कर दिया जाना चाहिए। इस्लामिक देश के किसी भी कोने में एक भी मूर्ति नहीं होनी चाहिए।

गौरतलब है जाकिर नाईक एक इस्लामिक प्रचारक है और वह इस्लाम में लिखी बातों का ही प्रचार करता है, इसी लिए दुनिया के हर कोने में उसके अनुयायी हैं। जाकिर का बयान जिनको विवादित लग रहा है वह इतिहास एक बार जरूर खंगाल लें। इस्लामिक धर्म वाले जहां—जहां मजबूत स्थिति में आए, वहां सबसे पहले दूसरों के धर्मों का नष्ट करने का प्रयास किया। यही इनका इतिहास है और आगे कर भी रहे हैं। पाकिस्तान में यह पहला मंदिर नहीं तोड़ा गया है। इससे पहले भी यहां कई मंदिरों को नेस्तानाबूद कर दिया गया है। आलम यह है कि कि मंदिर के साथ—साथ दूसरे धर्मों के अल्पसंख्यक भी खतरे में हैं।

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