इस मामले पर कोर्ट ने कहा, संदेह कितना भी मजबूत हो लेकिन नहीं बन सकता साक्ष्य

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शक और सबूत (evidence) को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि चाहे कितना भी गहरा शक क्यों नहीं हो लेकिन वह सबूत की जगह नहीं ले सकता। शक के आधार पर हम किसी भी आरोपी को सजा (Punishment)नहीं दे सकते है। कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान एक शीर्ष अदालत ने इस बात पर जोर दिया कि एक आरोपी तब तक निर्दोष माना जाता है,जब तक उसे जायज शक से परे दोषी साबित नहीं कर दिया जाता। जस्टिस इंदिरा बनर्जी और जस्टिस हेमंत गुप्ता की पीठ ने इस टिप्पणी के साथ हत्या के एक मामले में आरोपियों को बरी करने के ओडिशा हाईकोर्ट के फैसले पर सहमति दी है। शीर्ष अदालत ने कहा, आरोपी तब तक निर्दोष है, जब तक उसे किसी ठोस सबूत के आधार पर दोषी साबित नहीं किया जाए।

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नशे में था मृतक

ओडिशा की हाईकोर्ट में एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जिसमें होमगार्ड को बिजली का करंट देकर मार डालने को दो आरोपियों को बरी कर दिया था। कोर्ट ने इस बात पर जोर दिया कि ऐसे मामले में सबूतो की पूरी चेन होनी चाहिए जिसके आधार पर आरोपी को दोषी करार दिया जा सके। वहीं सबूत यह साबित करे कि मानवीय संभावनाओं के तहत आरोपियों ने अपराध किया है। ऐसे में किसी भी कड़ी में इस निष्कर्ष के लिए संदेह नहीं रहना चाहिए, जो आरोपी को निर्दोष मानने की संभावना दिखाता हो।

कोर्ट ने कहा कि कई न्यायिक फैसलों से यह तय किया जा चुका है कि शक कितना भी गहरा हो, लेकिन वह सबूत की जगह नहीं ले सकता है। एक आरोपी को तब तक निर्दोष माना जाएगा जब तक उसे शक की बजाय सबूतों द्वारा दोषी करार नहीं दिया जाए। पीठ ने कहा, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बिजली के झटके से मौत की पुष्टि हुई है, लेकिन इस बात का कोई पुख्ता सबूत नहीं है कि यह हत्या थी।

पोस्टमार्टम की रिपोर्ट के आधार डॉक्टरों का कहना है कि मृतक शराब के नशे में था। शायद सोते समय उसने बिजली के तार को छू लेने से उसे करंट लग गया हो। पीठ ने कहा, अभियोजन आरोपियों को दोषी साबित करने में फेल रहा है। इस कारण ट्रायल कोर्ट का उन्हें बरी करने का फैसला सही है।

पत्नी का था यह आरोप

बिजय कुमार की पत्नी ने एफआईआर दर्ज करते हुए यह आरोप लगाया कि पति बिजय कुमार ताडू चांदबली पुलिस थाने में होमगार्ड थे। गीतांजलि ने आरोप लगाया था कि बनबिहारी मोहपात्रा, उसके बेटे लूजा और अन्य लोगों ने उसके पति को जहरीला पदार्थ खिलाने के बाद बिजली का करंट देकर हत्या कर दी।

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