Saturday, October 16, 2021

मप्रः फसल खराब होने, कर्ज या बिजली की समस्या के कारण नहीं हुई दुर्गादास की मृत्यु

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भोपाल। छिंदवाडा जिले की तहसील पांढुर्णा के ग्राम हिवरासेनाडवार के दुर्गादास पुत्र जगन्नाथ देशमुख की मृत्यु के संबंध में कलेक्टर सौरभ कुमार सुमन के निर्देश पर एसडीएम पांढुर्णा द्वारा वस्तुस्थिति स्पष्ट की गई है। एसडीएम पांढुर्णा द्वारा इस संबंध में तहसीलदार पांढुरना और थाना प्रभारी पांढुर्णा से प्रतिवेदन प्राप्त किया गया है। एसडीएम ने मंगलवार को सौंपे अपने प्रतिवेदन में बताया कि दुर्गादास देशमुख के पिता का नाम जगन्नाथ देशमुख है। जगन्नाथ देशमुख पुत्र रामकिसन एवं उनके भाई महादेव, धनराज पुत्र रामकिसन और मैनाबाई पत्नी शामराव के नाम पर मौजा हिवरासेनाडवार में भूमि खसरा नं. 307/1,307/4 रकबा 0.450 हे. एवं खसरा नं. 437/1 रकबा 0.393 हे. कुल रकबा 0.843 हे. कृषि भूमि राजस्व अभिलेखों में दर्ज है।
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दुर्गादास अपने पिता से अलग ग्राम हिवरासेनाडवार में ही रहता था और मेहनत मजदूरी कर जीवनयापन करता था। स्व. दुर्गादास के नाम पर कोई कृषि भूमि नहीं है। स्व.दुर्गादास देशमुख के द्वारा ग्राम के ही गोकल पुत्र करन्या के नाम पर दर्ज कृषि भूमि खसरा नं. 786/9 रकबा 0.328 हे. कृषि भूमि इसी वर्ष पहली बार 4 हजार रुपये में ठेके पर लेकर एक माह पूर्व ही गोभी, प्याज और पालक बोई गई थी और खेत में स्थित कुआं से फसल की सिंचाई की जा रही थी। स्थल जाँच में तीनों फसल प्रारंभिक और अच्छी स्थिति में होना पाया गया। क्षेत्र में बिजली का कोई संकट नहीं है। खाद और बीज की पर्याप्त उपलब्धता है। प्राथमिक जाँच में दुर्गादास द्वारा ठेके में ली गयी कृषि भूमि पर बोई गई फसल अच्छी स्थिति में पाई गयी। फसल क्षति, खाद-बीज, बिजली आदि की समस्या के चलते स्व. दुर्गादास की मृत्यु होना नहीं पाया गया।

एसडीएम द्वारा बताया गया कि ग्रामवासियों एवं परिवार के सदस्यों से पूछताछ में मृतक का किसी सहकारी संस्था, बैंक अथवा किन्ही अन्य व्यक्ति व संस्था का ऋण होना नहीं पाया गया। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जाँच में पास-पड़ोस के लोगों ने बताया कि 11 अक्टूबर की सुबह 6 बजे के आसपास स्व. दुर्गादास देशमुख घर से खेत गया। खेत में लगी फसल में सिंचाई की और सुबह 9.30 बजे के आस-पास वापस घर आया। पत्नि ने खाना परोसा। दुर्गादास खाना खाते-खाते आधा खाना छोड़कर घर से खेत की ओर चला गया, जिसके बाद ग्रामवासियों को नाले के किनारे दुर्गादास गिरा मिला। दुर्गादास के परिवार वाले इलाज के लिये उसे उसी दिन सिविल अस्पताल पांढुर्णा लाये थे, जहाँ इलाज के दौरान उसी दिन ही दुर्गादास देशमुख की मृत्यु हो गयी। पांढुर्णा के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व से प्राप्त प्रतिवेदन के आधार पर यह स्पष्ट रूप से प्रमाणित है कि दुर्गादास की मृत्यु फसल खराब होने या किसी प्रकार के ऋण या बिजली की समस्या से नहीं हुई है। मृत्यु के कारणों की जाँच के लिए दुर्गादास देशमुख की मृत्यु के संबंध में मर्ग क्रमांक 131/2021 धारा 174 जा.फौ. कायम कर जांच की जा रही है।
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