भारतीय जवानों का तनाव बना जान का दुश्मन, सीनियर अफसर बने वजह

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नई दिल्ली। रक्षा मंत्रालय के सबसे बड़े थिंक टैंक भारत की संयुक्त सेवा संस्थान (यूएसआई) ने सेना में तनाव को लेकर एक शोध किया है, जो एक वर्ष तक चला है। इसके शोध में जो खुलासा हुआ है वो चौका देने वाला है। इस शोध में सामने आया है कि, भारतीय सेना के सैनिकों का सबसे बड़ा दुश्मन तनाव है। जवान सबसे ज्यादा अपने सीनियर अधिकारियों के व्यवहार की वजह से तनाव में रहते हैं। वक़्त पर छुट्टी न मिलने से जवान और जेसीओ सबसे ज्यादा तनाव में रहते हैं। नाकाबिल सीनियर अधिकारी और अनावश्यक काम के बोझ की वजह से युवा अफसरों में ज्यादा तनाव है। उन्हें जो काम दिया दिया जाता है उसे असंभव रूप से बेहद कम समय करने का दबाव डाला जाता है।

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युवा अफसर ऐसी काफी बातों को लेकर तनाव में रहते हैं, वहीं इस रिसर्च में सामने आया है कि, सेना की नौकरी को लेकर गर्व करने वाली बात अभी जवानों और जेसीओ में बाकी है। सीनियर्स के ढुलमुल फैसले लेने और अयोग्य अधिकारियों के नीचे काम गैर जरुरी और बेकार काम करने के साथ उन्हें कुछ कामों के लिए तो बेहद कम वक़्त दिया जाता है। जो उस समय अवधी के बीच होना ही असंभव सा होता है। इसकी वजह से ही जवान ज्यादा तनाव में रहते हैं।शोध में सामने आया है कि, युवा अफसरों को वरिष्ठ अफसरों का व्यवहार, पक्षपात और भ्रष्टाचार, गलतफहमी पैदा करने वाले हुक्म, सीनियर अफसरों का रूखा और जी हुजूरी पसंद व्यवहार, भेदभाव वाले प्रमोशन युवा अफसर काफी तनाव में रहते हैं।

जो उनकी एक तरह से जान का दुश्मन बना रहता है। युवा अफसरों और जवानों की सबसे बड़ी परेशानी है, उन्हें वक़्त पर छुट्टी न मिलना। काम ज्यादा और आराम के लिए वक़्त न मिलना। इसकी वजह से उनकी घरेलु परेशानी भी उनके तनाव को बढ़ा देती हैं। जवानों के पास मनोरंजन की कमी है, परिवार दूर है, स्वास्थ्य से जुडी समस्याएं और वरिष्ठ अफसरों का दुर्व्यवहार उनका सबसे बड़ा दुश्मन है।

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