एमपी: विधानसभा सत्र पर मंडराया कोरोना का खतरा, शीतकालीन सत्र से पहले 34 कर्मचारी मिले संक्रमित

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भोपाल। मध्यप्रदेश में 28 दिसंबर से पहले विधानसभा का सत्र शुरू होना है। कोरोना काल में सत्र शुरू होने से पहले जो रिपोर्ट आई है उसे देख अधिकारी सकते में हैं। विधानसभा का सत्र शुरू होने से पहले 77 कर्मचारियों का कोरोना टेस्ट कराया गया है, जिसमे 34 कर्मचारी कोरोना संक्रमित मिले हैं। इन सभी कर्मचारियों का पहले रैपिड एंटीजन और फिर आरटीपीसीआर जांच कराई गई थी। वहीं 55 कर्मचारियों की जांच 25 दिसंबर को ही हुई है। जिनकी रिपोर्ट आना अभी बाकी है। अब ऐसे में विधानसभा का सत्र होगा या नहीं इस पर अभी भी सस्पेंस बना हुआ है।

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शीतकालीन सत्र को देखते हुए विधानसभा के सभी कर्मचारियों की कोरोना की जांच हुई थी। विधायक विश्राम गृह में काम करने वाले कर्मचारी भी शामिल हैं। अब 34 कर्मचारियों के संक्रमित होने के बाद उनके संपर्क में आये लोगों की जांच करने की तैयारी चल रही है। विधानसभा के कर्मचारी लगातार काम पर आ रहे थे। इनमे से कई को पिछले कुछ दिनों से खांसी और जुकाम की शिकायत थी। जबकि कुछ ऐसे भी कर्मचरियों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है, जिनमे संक्रमण का कोई लक्षण ही नहीं है। विधानसभा में फैले संक्रमण के खतरे को देखते हुए आज सर्वदलीय बैठक बुलाई गई है। वहीं इस बात की भी चर्चा चल रही है कि, इस बार विधानसभा शीतकालीन सत्र सिर्फ एक दिन का भी हो सकता है।

गौरतलब है कि कोरोना संकट की वजह से संसद सहित दस राज्यों के शीतकालीन सत्र अब तक निरस्त किये जा चुके हैं। इन राज्यों में महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, केरल, गुजरात, राजस्थान, त्रिपुरा, हिमाचल प्रदेश और मेघालय शामिल हैं। वहीं गोवा में 25 जनवरी के बाद सत्र होगा। एमपी में अब तक 47 विधायक कोरोना की चपेट में आ चुके हैं। इसमें सीएम और एक दर्जन से अधिक मंत्रियों के नाम शामिल हैं।

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