चुनावी मैदान में उतरा 7 साल तक आतंकी संगठन में रहा मुनाफ मलिक

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श्रीनगर। जम्मू कश्मीर में पहली बार जिला विकास परिषद (DDC) के चुनाव हो रहे हैं। आठ चरण में हुए चुनाव में उम्मीदवारों और मतदाताओं दोनों ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया। शनिवार को राज्य में अंतिम चरण का मतदान हुआ है। इन चुनाव में रजौरी के दरहाल मल्कान के रहने वाले मुनाफ मलिक भी अपनी किस्मत आज़मा रहे हैं। मुनाफ के इतिहास की अगर बात की जाए तो वो काफी उतार चढ़ाव भरा रहा है। मुनाफ पहले एक आतंकी संगठन का सदस्य था। जो सात वर्ष तक संगठन का डिवीजनल कमांडर रहा था। जिसने बाद में आत्मसमर्पण कर दिया था। मुनाफ मलिक आतंकियों से यही अपील करते हैं कि, वो हथियार छोड़ दें और मुख्य धारा में वापस लौट आएं।

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जिला विकास परिषद के आठवें और अंतिम चरण में कुल 28 सीटों पर मतदान हुआ। जिसमे बड़ी संख्या में वोटर अपने घरों से निकले और वोट किया। कड़कड़ती ठंड में भी संक्रमण के खतरे के बाद भी लोगों ने जमकर वोटिंग और 50.98 प्रतिशत वोटिंग हुई। जम्मू डिवीजन में 72.71 और कश्मीर डिवीजन में 29.91 प्रतिशत मतदान हुआ। राज्य में इतिहास में पहली बार जिला विकास परिषद के चुनाव हुए हैं, जिनकी मतगणना 22 दिसंबर को होगी और नतीजे सामने आएंगे।

जम्मू के पूंछ जिले में रिकॉर्डतोड़ मतदान हुआ और जिले में 83.58 प्रतिशत वोटरों ने अपने वोट का इस्तेमाल करके इतिहास रच दिया है। वहीं राज्य में दूसरे नंबर पर रियासी जिला रहा जहां 81.92 प्रतिशत लोगों ने वोटिंग की तो वहीं तीसरे नंबर पर राजोरी में 77.31 प्रतिशत, पांचवे पर रामबन में 73.42 प्रतिशत और छठे नंबर पर कठुआ में 73.93 प्रतिशत वोटिंग हुई। प्रदेश में सबसे कम मतदान 8.50 प्रतिशत पुलवामा जिले में हुआ। वहीं शोपियां में 8.58 और अनंतनाग में 8.66 प्रतिशत वोट पड़े।

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