Saturday, December 4, 2021

नेपाल के बदले सुर, बोला- भारत है उसका स्पेशल दोस्त, चीन को लेकर कही ये बड़ी बात

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काठमांडू। कभी चीन के इशारों पर नाचने वाले नेपाल के सुर अब पूरी तरह से बदल चुके है। सत्ता के केंद्र में जब तक केपी शर्मा ओली रहे तब तक नेपाल चीन की भाषा बोलता रहा लेकिन शेर बहादुर देउबा के प्रधानमंत्री बनने के नेपाल के सुर बदल चुके हैं। नेपाली कांग्रेस ने चीन को लेकर कहा है कि वो एक स्पेशल पड़ोसी जरूर है लेकिन भारत की जगह वो नहीं ले सकता है। भारत और नेपाल के बीच लिम्पियाधुरा-कालापानी-लिपुलेख मसले को पार्टी ने बातचीत के माध्यम से सुलझाने पर जोर दिया है।

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प्रधानमंत्री देउबा ने अपने गठबंधन के सहयोगियों के साथ मिलकर न्यूनतम साझा कार्यक्रम शुरू किया है। केपी शर्मा ओली के पीएम रहते पिछले साल भारत और नेपाल के बीच रिश्ते काफी तनावपूर्ण रहे थे और लिम्पियाधुरा-कालापानी-लिपुलेख इलाके को नेपाल ने अपना बताया था। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार नेपाली कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्त राज्य मंत्री उदय शमशेर राणा ने कहा है कि ‘पड़ोसी पहले’ के सिद्धांत पर देश काम करता रहेगा। वहीं इसके आलावा अन्य देशों से भी नेपाल सौहार्दपूर्ण संबंध रखेगा।

राणा ने कहा कि बीजिंग की ज़रूरत नेपाल को है। चीन हमारा अच्छा पड़ोसी है लेकिन भारत हमारे लिए स्पेशल है। भारत की जगह चीन नहीं ले सकता। पीएम देउबा को लेकर उन्होंने कहा कि उन्हें सभी मसलों का बेहतर हल करना होगा। वो एक नाजुक गठबंधन की सरकार चला रहे हैं। गठबंधन के सहयोगियों को साथ देउबा को भारत और चीन के साथ स्थिर संबंध बनाए रखना होगा। नेपाल को लेकर बीजेपी प्रवक्ता गोपाल कृष्ण अग्रवाल ने कहा है कि भारत, नेपाल के साथ द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने को प्रतिबद्ध है।

नेपाल के विकास में भारत बड़े स्तर पर सहयोग कर रहा है। जमीनी स्तर पर इन्फ्रास्ट्रक्चर, जल संसाधन, सामुदायिक विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा पर काम चल रहा है। कोरोना महामारी की वजह से नेपाल की इकॉनमी पटरी से उतर गई, जो भारत की मदद से वापस ट्रैक पर लौट सकती है।

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