भारतीय सेना ने किया मेजर-जनरल की अगुवाई वाले मानवाधिकार सेल का गठन, जानें क्या दी गयी जिम्मेदारी

46

नई दिल्ली। आतंकियों के साथ मुठभेड़ के बाद सेना के पराक्रम पर उठ रहे संशय को दूर करने और पारदर्शिता और ईमानदारी बनाए रखने के लिए एक मानवाधिकार सेल (Human Right Cell) का गठन किया है। मेजर जनरल के नेतृत्व में यह सेल जम्मू और कश्मीर के अलावा पूर्वोत्तर भारत जैसे क्षेत्रों में सक्रिय रहेगा। 13 लाख जवानों की क्षमता वाली भारतीय सेना ने मुढभेड़ जैसी घटनाओं पर सवाल उठने के बाद यह निर्णय लिया है।

इसे भी पढ़ें: परिम्पोरा मुठभेड़ को महबूबा ने बताया फर्जी, की निष्पक्ष जांच की मांग

नई दिल्ली में मेजर जनरल गौतम चौहान ने आर्मी हेडक्वार्टर में पहले अडिशनल डायरेक्टर जनरल (ह्यूमन राइट्स) का पदभार संभाल लिया है। इससे पहले उनकी नियुक्ति गोरखा राइफल्स में थी। आर्मी से जुड़ी जानकारी के लिए वह सीधे सेना के वाइस चीफ को रिपोर्ट करेंगे। गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर पुलिस ने बीते हफ्ते सेना के अधिकारी (कैप्टन) भूपेंद्र सिंह और दो अन्य नागरिकों के खिलाफ जुलाई माह में राजौरी में तीन युवकों के अपहरण और हत्या के मामले में चार्जशीट दाखिल की है। इसी के बाद ही सेना में एडीजी (HR) की नियुक्ति हुई है।

जानकारी के मुताबिक सेना मुख्यालय में चल रहे पुनर्गठन के अंतर्गत एडीजी (विजिलेंस) की भी नियुक्ति जल्द ही की जा सकती है। इस बारे में सेना के एक अधिकारी ने बताया कि एडीजी (एचआर) और एडीजी (विजिलेंस) के नेतृत्व में दो नई ब्रांच अब पारदर्शिता और ईमानदारी के प्रति सेना की प्रतिबद्धता को आगे बढ़ायेंगे। उन्होंने आगे बताया कि योजना के अनुसार एडीजी (एचआर) में एसपी या एसएसपी रैंक के एक आईपीएस अधिकारी को भी शामिल किया जाएगा, जिनकी जिम्मेदारी जांच में विशेषता प्रदान करने के अलावा गृह मंत्रालय एवं अन्य संगठनों के सहयोग से जरूरी सुविधाएं मुहैया सुनिश्चित कराना होगा। बता दें कि बीते महीने लेफ्टिनेंट जनरल परमजीत सिंह ने आर्मी हेडक्वार्टर के पुनर्गठन के तहत पहले डेप्युटी चीफ (स्ट्रैटिजी) का पदभार संभाला था।

इसे भी पढ़ें: पाकिस्तान में हर साल एक हजार से ज्यादा लड़कियों को जबरन कबूल कराया जाता है इस्लाम