83 तेजस विमानों की एंट्री से बढ़ी वायुसेना की मारक क्षमता, खौफ में ड्रैगन व पाक 

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कई मौकों पर दुश्मनों को धूल चटाने वाले भारतीय वायुसेना की मारक क्षमता मेंं क्रांतिकारी इजाफा होने जा रहा है। कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी ने 48 हजार डील को मंजूरी देे  दी है, जिसके तहत 83 तेजस विमानोंं को भारतीय वायुसेना के बेड़े में शामिल किया जाएगा।  इस समझौते के संदर्भ में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बयान जारी कर कहा कि यह डील भारत के लिए रक्षा मोर्चे पर गैमचेंजर साबित होगी। ध्यान रहे कि भारत ने यह डील ऐसे  समय किया है, जब भारत के चीन और पाकिस्तान के साथ लगातार रिश्ते तनावपूर्ण रूख अख्तियार  करते जा रहे हैं। ऐसे में किसी भी तनावपूर्ण स्थिति से निपटने के लिए भारत लगातार अपनी हर उस कोशिश को अंजाम तक पहुंचाने की जुगत में जुट चुका है, जिससे की वो अपने दुश्मन देशों को  माकूल जबाव दे सके। ये भी पढ़े :भारतीय वायुसेना की ताकत बना राफेल, लड़ाका की 10 खूबियां जान दुश्मनों के उड़ जाएंगे होश

 जानें इस विमान की विशेषता 

यह तेजस विमान जमीन से हवा पर मार गिराने की क्षमता रखता है। इसकी मारक क्षमता का अंदाजा आप महज इसी से लगा सकते हैं कि इसमें  एंटीशिप मिसाइल, बम और रॉकेट  लगाए जा सकते हैं।  तेजस 42% कार्बन फाइबर, 43% एल्यूमीनियम एलॉय और टाइटेनियम से बनाया गया है। यह विमान चौथी पीढ़ी का सबसे हल्का सुपरसैनिक विमाना बताया जाता है। हल्के तेजस विमान को भारतीय वायुसेना द्वारा चीन और पाकिस्तान की सीमा पर तैनात किया गया है।  इस विमान की सबसे खास बात यह है कि यह पल भर में ही दुश्मनों के नापाक मंसूबों को ध्वस्त करने का माद्दा अपने अंदर रखता है।  आलम यह है कि अब भारतीय वायुसेना में इसकी एंट्री से चीन और पाकिस्तान सरीखे मुल्क खौफ के साए में जीने को विविश हो चुके हैं।

वहीं, भारत की हुई इस डील पर केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड ने अपने नासिक और बेंगलुरु डिविजन में दूसरी पंक्ति की विनिर्माण स्थापित की है। रक्षा मंत्री ने कहा कि आज ऱक्षा मामलों की संसदीय समिति ने बड़ी रक्षा डील पर  अपनी मुहर लगा दी है।  इससे भारत को अपने आपको रक्षा मोर्चे पर सबल बनाने की दिशा में मदद मिलेगी। ये भी पढ़े :भारत से फिर भिड़ा नेपाल, कर दिया ऐसा ऐलान, जानें पूरा माजरा