देश के दुश्मनों की अब खैर नहीं, डीआरडीओ ने बनाई आधुनिक कार्बाइन, एक मिनट में दागेगी 700 गोलियां

698

नई दिल्ली। भारत के दुश्मन देशों की अब खैर नहीं रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने एक ऐसी अभेद्य मारक क्षमता वाली कार्बाइन का ट्रायल पूरा किया है। जिससे बचपना अब आसान नहीं होगा। DRDO का कहना है कि, सेना के उपयोग के लिए ये हथियार पूरी तरह तैयार है जो हर स्तर पर इस्तेमाल हो सकता है। DRDO की पुणे लैब और कानपुर की ऑर्डिनेंस फैक्ट्री बोर्ड ने मिलकर इस कार्बाइन को बनाया है। इस कार्बाइन के बनने के बाद अब BSF, CRPF CAPF का आधुनिकीकरण किया जायेगा।

इसे भी पढ़ें: बाबा वेंगा की 2021 को लेकर की गई भविष्यवाणियों से दुनिया में खौफ, पुतिन की हत्या, ट्रंप की खतरनाक बीमारी…

खासियत
कार्बाइन को लेकर रक्षा मंत्रालय का कहना है कि, 5.56×30 मिमी प्रोटेक्टिव कार्बाइन गर्मियों में ऊंचे तापमान और सर्दियों में बेहद ऊंचाई वाले क्षेत्रों में शानदार हैं। इसकी मारक क्षमता और निशाना एक डीएम सटीक है। इसने अपने सभी मापदंडों को पूरा किया है।

दागेगी एक मिनट में 700 गोलियां
जेवीपीसी को मॉडर्न सब मशीन कार्बाइन भी कहा जाता है। जो करीब एक मिनट में 700 राउंड गोलियां दाग सकती है। इस हथियार का सबसे पहला उद्देश्य किसी अन्य को नुकसान पहुंचाए बिना सीधे लक्ष्य को भेदना होता है। पुणे की एम्यूशन फैक्टरी में कार्बाइन के लिए गोलियां तैयार होंगी। इसमें राइफल की तुलना छोटा बैरल होता है। जिसे भारतीय सेना की जरूरत के हिसाब से डिजाइन किया गया है, जिससे वो दुश्मन पर भारी पड़ें।

आयुध अनुसंधान और विकास प्रतिष्ठान (ARDE) ने वर्ष 1980 के अंत में 5.56 x 45 mm क्षमता छोटे हथियार बनाने का काम शुरू कर दिया था। जिसके बाद इसका नाम भारतीय लघु शस्त्र प्रणाली (INSAS) रखा गया। इसमें हथियारों में कई तरह के ट्रायल होते हैं। हथियारों को अलग-अलग वातावरण में चलाया जाता है। इसे 1994 में लॉन्च किया गया था।

इसे भी पढ़ें: एमपी: विधानसभा सत्र पर मंडराया कोरोना का खतरा, शीतकालीन सत्र से पहले 34 कर्मचारी मिले संक्रमित