spot_img
Friday, September 17, 2021

Independence Day : PM मोदी ने 8वीं बार फहराया तिरंगा, 24 साल में पहली बार हेलिकॉप्टर ने बरसाएं फूल

- Advertisement -
- Advertisement -

आज देश अपना 75वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज लगातार आठवीं बार लाल किले पर ध्वजा रोहण कर तिरंगा फहराया है। धवजारोहण के दौरान 21 तोपों की सलामी भी दी गई। थलसेना की 2233 फील्ड बैटरी (सेरिमोनियल) इन तोपों की सलामी दी। धवजारोहण के वक्त थलसेना, वायुसेना, नौसेना और दिल्ली पुलिस की अलग-अलग टुकड़ियों ने राष्ट्र-सैल्यूट दिया। ध्वजारोहण के तुरंत बाद भारतीय वायु‌सेना के दो मी-17 हेलीकॉप्टर ‘अमृोत फॉरमेशन में’ फूलों की बारिश करी। ऐसा पहली बार देखने को मिला।

ध्वजा रोहण के बाद प्रधानमंत्री ने लाल किले की प्राचीर से अपने संबोधन की शुरुआत शुभकामनाओं के साथ की। पीएम मोदी ने कहा, “आजादी का अमृत महोत्सव, 75वें स्वतंत्रता दिवस पर आप सभी को और विश्वभर में भारत के प्रति प्रेम रखने वालों को, लोकतंत्र को प्रेम करने वाले सभी को बहुत-बहुत शुभकामनाएं।”

आगे पीएम मोदी ने कहा, “कोरोना वैश्विक महामारी में हमारे डॉक्टर, हमारे नर्सेस, हमारे पैरामेडिकल स्टाफ, सफाईकर्मी, वैक्सीन बनाने मे जुटे वैज्ञानिक हों, सेवा में जुटे नागरिक हों, उन सभी को हमारा नमन हैं। भारत के पहले प्रधानमंत्री नेहरू जी हों, देश को एकजुट राष्ट्र में बदलने वाले सरदार पटेल हों या भारत को भविष्य का रास्ता दिखाने वाले बाबासाहेब अम्बेडकर, आज पूरा देश इन महान लोगों को याद कर रहा है। सभी देशवासी इन सबके ऋणी है।”

75वें स्वतंत्रता दिवस पर पीएम मोदी के भाषण की बड़ी बातें-

हम आजादी का जश्न मनाते हैं, लेकिन जब देश के दो हिस्से किए गए थे वो पल हिंदुस्तान के सीने को छलनी करता है. यह पिछली शताब्दी की सबसे बड़ी त्रासदी में से एक है. कल ही देश ने भावुक निर्णय लिया है। अब से 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के रूप में याद किया जाएगा।

हर देश की विकासयात्रा में एक समय ऐसा आता है, जब वो देश खुद को नए सिरे से खुद को परिभाषित करता है, कुछ नए संकल्पों के साथ आगे बढ़ाता है। विकास को देखते हुए आज वो समय आ गया है

भारत ने सदियों तक मातृ-भूमि, संस्कृति और आजादी के लिए लड़ना पड़ा था। आजादी की ललक इस देश ने सदियों तक छोड़ी नहीं। जय-पराजय आते रहे, लेकिन मन मंदिर में बसी आजादी की आकांक्षा कभी खत्म नहीं होने दी।
यहां से शुरू होकर अगले 25 साल की यात्रा जब हम आजादी की शताब्दी मनाएंगे, नए भारत के सृजन का ये अमृत काल है। इस अमृत काल में हमारे संकल्पों की सिद्धि हमें भारत के आजादी के 100 साल तक ले जाएगी, गौरवपूर्ण रूप से ले जाएगी।
कोई भी लिया गया संकल्प तब तक पूरा नहीं होता है, जब तक संकल्प के साथ परिश्रम और पराक्रम की पराकाष्ठा न हो। इसलिए हमें हमारे सभी संकल्पों को परिश्रम और पराक्रम की पराकाष्ठा करना बहुत जरूरी है।
यही समय है, सही समय है। बदलते हुए युग के अनुकूल हमें भी अपनेआप को उसी तरह से ढलना होगा। सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास इसी श्रद्धा के साथ हम सब जुट चुके हैं।

इसे भी पढ़ें-लंबे समय के बाद प्रियंका का निक पर बरसा प्यार, रेस्तरां पर किया Kiss

- Advertisement -
spot_img
Latest news
- Advertisement -
Related news
- Advertisement -