बिजनेसमैन का पुलिसकर्मियों ने किया अपहरण, मांगी एक करोड़ रुपए की फिरौती

42

नई दिल्ली। पुलिस वाला ही जब अपराधी बन जाये और समाज सुरक्षित कैसे रहेगा। ऐसा ही मामला गुड़गांव से सामने आ रहा है,जहां एक पुलिस हेड कांस्टेबल फरीदाबाद की विजिलेंस टीम ने हिरासत में लिया है। दरअसल पुलिस को दिल्ली उत्तम नगर के रहने वाले नवीन भूटानी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि, वे एक कॉल सेंटर चलाते हैं जहां यूके और ऑस्ट्रेलिया के लोगों को धार्मिक चीजें बेचते हैं। भूटानी की शिकायत के अनुसार, उन्हें करनाल के एक स्कूल संचालक से कृष्ण भारद्वाज ने मिलवाया, जिनके पास Payumoney का पेमेंट गेटवे था। इसके बाद दोनों ने मिलकर काम शुरू किया, जिसमे उन्हें एक करोड़ बीस लाख रुपए की कमाई हुई। इसमें से 80 लाख रुपए नवीन भूटानी के थे।

इसे भी पढ़ें: अब सोनू सूद के खिलाफ भी बीएमसी ने दर्ज कराई एफआईआर, लगाए ये गंभीर आरोप

भूटानी ने जब अपने हिस्से की रकम मांगी तो कृष्ण भारद्वाज से मांगी तो उन्हें गुड़गांव के अपने घर मे बुलवाया गया। जहां कुछ लोग पहले से वर्दी और सदी वर्दी में पुलिस वाले मौजूद थे। जिन्होंने नवीन को और उनके ड्राइवर को घेर लिया और गुड़गांव के खेड़की दौला थाने ले गए। थाने के SHO इंस्पेक्टर विशाल ने नवीन की जमकर पिटाई कर दी और अब उनसे ही एक करोड़ की मांग कर दी। नवीन ने किसी तरह से अपने पास से करीब 57 लाख रुपए जुटाए। नवीन की शिकायत के अनुसार, उन लोगों ने उनकी कार का सामान, बैंक चेकबुक, लेपटॉप और स्टैम्प सहित काफी सामान पाने पास रख लिया और अब दस लाख रुपए की और मांग कर दी और कहा कि रुपए दो और सामान ले जाओं।

इसके बाद नवीन ने पांच लाख रुपए तुरंत और पांच लाख रुपए अगले माह देना की बात की। इसके बाद जब 28 दिसंबर को इंस्पेक्टर विशाल के कहने पर हेड कांस्टेबल अमित गुड़गांव से राजीव चौक पहुंचा तो विजिलेंस की टीम ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। इंस्पेक्टर विशाल अभी फरार चल रहा है लेकिन दोनों पुलिस वालों के खिलाफ विजिलेंस ने मामला दर्ज कर लिया है। इस कांड पर कोई भी पुलिस अधिकारी बोलने के लिए तैयार नहीं है। बताया जा रहा है कि, इंस्पेक्टर विशाल के परिवार के कई सदस्य हरियाणा पुलिस में अधिकारी स्तर पर कार्यरत हैं। मामला लूट और अपहरण से जोड़ा गया है। अब ये जांच का विषय बन गया है कि, क्या इसमें पुलिस के बड़े अधिकारी भी जुड़े हैं या नहीं।

इसे भी पढ़ें: सरकारी दस्तावेजों में मर चुके शख्स को जिन्दा करने में सफल हुए पंकज त्रिपाठी, इतने वर्षों तक किया संघर्ष