भारत-चीनी सैनिकों के बीच जमकर हुई गोलीबारी, हुआ बड़ा खुलासा

230

नई दिल्ली। भारत और चीन के बीच चल रहा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है, बातचीत के माध्यम से मुद्दों को हल किया जा सके इसलिए बैठकों का दौर जारी है लेकिन अब तक माहौल शांत होता दिखाई नहीं दे रहा है। इस बीच सीमा पर चल रहे तनाव को लेकर जो सूचना सामने आ रही है वो सच में काफी चिंताजनक है। सीमा पर युद्ध जैसे हालात बने हैं और अब तक पिछले दिनों दोनों तरफ से गोलियां भी चली है। बताया जा रहा है कि मॉस्को में 10 सितंबर को भारत और चीन के विदेश मंत्री की बैठक से पहले सीमा पर फायरिंग हुई थी। यह फायरिंग पेंगोंग त्सो झील के उत्तर में हुई थी, यह फायरिंग माहौल को आने वाले समय में और ख़राब भी कर सकती है। इससे पहले पिछली बार चुशूल सेक्टर में हुई थी। इस पूरी घटना का खुलासा इंडियन एक्सप्रेस अखबार ने किया है।

इसे भी पढ़ें: चीन को किसी भी मोर्चे पर धूल चटा सकते हैं भारतीय स्पेशल फोर्स के कमांडो, ट्रेनिंग ऐसी की, कलेजा मुंह को आ जाए

इस घटना को लेकर उच्च सैन्य अधिकारी ने जानकारी दी है कि दोनों सेनाओं के बीच करीब 100 से 200 राउंड गोली चली है। यह तब हुआ जब सेना पेंगोंग त्सो झील के उत्तरी तट पर फिंगर्स क्षेत्र पर हावी हो रही थी। यह रिजलाइन हुई जहां फिंगर-3 और फिंगर-4 मिलते हैं। बीती 7 सितंबर को चुशूल उप-सेक्टर के मुकपारी हाइट्स में हुई फायरिंग के बारे में भारत और चीन ने बयान जारी किया था। सैन्य अधिकारियों का कहना था कि 45 वर्ष बाद एलएसी पर दोनों सेनाओं ने फायरिंग की है।

पेंगोंग त्सो झील पर हुई भारी गोलीबारी की घटना को लेकर दोनों ही देशों की तरफ से फ़िलहाल अब तक कोई बयान जारी नहीं किया गया है। सैन्य अधिकारी का कहना है कि पिछले दिनों पेंगोंग त्सो झील के उत्तरी और दक्षिणी किनारे पर हलचल बढ़ी है जिसके बाद ही फायरिंग हुई। फ़िलहाल सीमा पर तनाव बना हुआ है। भारत और चीन के सैनिक चुशूल सेक्टर ने एक दूसरे से सिर्फ 300 मीटर ही दूर तैनात हैं।

इसे भी पढ़ें: मुख्तार अंसारी के दोनों बेटों पर बड़ी कार्रवाई, उमर और अब्बास इनामी अपराधी घोषित