Saturday, December 4, 2021

आंदोलन के नाम पर सड़क जाम नहीं कर सकते, सुप्रीम कोर्ट ने किसान संगठनों को लगाई फटकार

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नई दिल्ली। कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली सीमा पर डटे किसानों द्वारा सड़क बंद करने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जताई है। कोर्ट में दिल्ली सीमा पर प्रदर्शन कर रहे किसानों को हटाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई याचिका पर 7 दिसंबर को अगली सुनवाई होगी। किसान संगठनों को सड़क से हटने को लेकर जवाब दाखिल करने का समय कोर्ट ने दिया है। याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस एसके कौल ने कहा कि सड़कें साफ होनी चाहिए। हम बार-बार कानून तय करते नहीं रह सकते। किसानों को आंदोलन करने का अधिकार तो है लेकिन सड़क जाम नहीं कर सकते हैं। इसका अब कुछ समाधान निकालना होगा। कोर्ट ने कहा कि सड़कों को जाम नहीं किया जा सकता। लोगों को उन सड़कों पर आना-जाना होता है। हमें सड़क जाम के मुद्दे से समस्या है।

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सुप्रीम कोर्ट में सॉलिटिटर जनरल तुषार मेहता ने दलील दी है कि कृषि कानूनों पर पहले ही सुप्रीम कोर्ट द्वारा रोक लगा दी गई है। आंदोलन कभी-कभी वास्तविक वजह के लिए नहीं बल्कि दूसरी वजहों के लिए होते हैं। सॉलिटिटर जनरल की इस दलील का विरोध करते हुए दुष्यंत दवे ने कहा कि क्या कृषि कानून एक परोक्ष मुद्दा है? ये किसानों की सच्चाई पर सवाल उठा रहे हैं।

ज्ञात हो कि, सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में याचिकाकर्ता ने मांग की थी कि नोएडा से दिल्ली को जोड़ने वाली सड़कें किसान आंदोलन की वजह से बंद हैं, जिसकी वजह से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़कों को दोबारा खोला जाना चाहिए। कोर्ट ने याचिका पर हुई पिछली सुनवाई में केंद्र सरकार से कहा था कि आखिर अब तक सड़कें बंद क्यों हैं। प्रदर्शन करने में कोई बुराई नहीं है, लेकिन सड़कें ब्लॉक नहीं होनी चाहिए।

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