उम्मीद: टनल में फंसी गाड़ियों में मिल सकते है लोग, 200 जिंदगियों की तलाश में जुटी रेस्क्यू टीमें

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_उत्तराखंड के चमौली

नई दिल्ली। उत्तराखंड के चमौली में रविवार सुबह जो प्राकृतिक आपदा आई उसे देख पूरा देश सन्न रह गया। तबाही की जो तस्वीरें और वीडियो सामने आए वो व्यक्ति को हिला देने वाले थे। अब तक इस घटना में 19 लोगों की मौत होने की खबर है। वहीं पिछले 21 घंटे से NTPC की प्रोजेक्ट की साइट पर राहत और बचाव के कार्य में ITBP और NDRF के जवान लगे हुए हैं। अंधेरे में एक उम्मीद की किरण है कि, ढाई किलोमीटर लंबी टनल कुछ ज़िंदगियां अभी भी बची हों, लेकिन अब तक सिर्फ 100 मीटर का हिस्सा ही साफ हो पाया है।Read also:-बच्ची की जिंदगी और मौंत की जंग में मोदी सरकार बनी संजीवनी बूटी

टनल को साफ करने में ITBP के जवानों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मलबे के साथ पानी भी अंदर भरा हुआ है, जिसकी वजह से सफल की रफ्तार कम है। वहीं टनल चौड़ाई भी छोटी है, जिससे एक बार में ही मशीन अंदर जाकर सफाई कर पा रही है। मशीनों से लगातार टनल की सफाई का काम जारी है। रिपोर्ट्स के अनुसार करीब 180 मीटर पर के गेट है, जब मलबा साफ़ हो जाएगा तो एक एक्सपर्ट की टीम को पैदल भेजा जाएगा। टनल की में चल रहे, रेस्क्यू ऑपरेशन में अब आर्मी की टीम भी शामिल हो गई है। इसके पहले NDRF, ITBP और SDRF की टीमें इसमें शामिल थीं। अब इस ऑपरेशन को आर्मी लीड कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि, टनल में अंदर कुछ गाड़ियां हैं। इसके अंदर ट्रक, जीप और बुलडोजर भी जाते हैं।

इस बात की उम्मीद जताई जा रही है कि, हो सकता है कुछ लोग इन गाड़ियों की आड़ में अब तक सुरक्षित हों या फिर हादसे के वक़्त गाड़ियों में बैठ गए होंगे। इस उम्मीद में रेस्क्यू लगातार मेहनत कर रही हैं। ग्लेशियर फटने से उत्तराखंड में आई तबाही के बाद 200 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश में वायु सेना के एमआई-17 और चिनूक हेलीकॉप्टर भी लग चुके हैं। Read also:- पेट्रोल की कीमतों ने छुआ सौ रुपये का आंकड़ा, डीजल की कीमत में भी लगी आग