भारत से फिर भिड़ा नेपाल, कर दिया ऐसा ऐलान, जानें पूरा माजरा

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भारत के टुकड़ों पर पलने वाला नेपाल लगता है कि अपनी औकाद भूल गया है। कल तक भारत के साथ रोटी बेटी का रिश्ता निभाने वाले नेपाल ने अपनी सारी सीमाओं को लांंघते कुछ ऐलान कर दिया है, जिसके बारे में जानकर आपकी ताज्जुब या हैरानी नहीं बल्कि हंसी आएगी। वो कैसे..तो वो ऐसे कि नेपाल के प्रधानमंत्री केपी ओली शर्मा ने विगत रविवार को भारत को चेताते हुए कहा कि हम भारत से लिपुलेख, कालापानी व लिम्पियाधुरा भारत से वापस लेकर ही रहेंगे। नेपाल के प्रधानमंत्री ने कहा कि हमें अपने कूटनीतिक के दम पर पूरा भरोसा है, और हम अपने इसी कूटनीति के दम पर भारत के कब्जे में जा चुके हिस्से को  अपने हिस्से में लेकर रहेंगे।

रविवार को दिए अपने संबोधन में नेपाली प्रधानमंत्री ने कहा कि महाकाली नदी के पूर्व में स्थित कालापानी, लिम्पियाधुरा और लिपुलेख सुगौली संधि के तहत नेपाल का हिस्सा है। हम भारत से कूटनीतिक वार्ता के दम पर इसे लेकर रहेंगे। बता दें कि नेपाल की तरफ से यह बयान ऐसे  समय में आया है, जब नेपाल के विदेश मंत्री प्रदीप ज्ञावली भारत आने वाले हैं। अब इस  बयान के बाद यह दौरा बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि,  बीते दिनों जिस तरह दोनों देशों के बीच रिश्तों में कड़वाहट दिखी थी,  उसमें बीते दिनों कूटनीतिक चालों के दम पर कमी देखी गई, लेकिन  अब जिस तरह का बयान नेपाल की तरफ से आया है, उसे देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा है कि इन कोशिशों में फिर से पानी फिर सकता है।

विगत रविवार को केपी ओली ने अपने संबोधन में कहा था कि हमने अंतरराष्ट्रीय क्षेत्रों में काफी प्रगति की है, लेकिन अब हम चाहते हैं कि भारत के साथ अपनी मित्रता को प्रगाढ़ करें। लेकिन, जिस तरह का बयान नेपाल  की तरफ से आया है, उसे देखकर ऐसा लग रहा है कि नेपाल की इन कोशिशों पर पानी फिर सकता है। ये भी पढ़े :दावा- नेहरू की इस गलती की वजह से भारत का हिस्सा नहीं बन पाया था नेपाल