पूछताछ में दिशा रवि के साथियों का खुलासा, शामिल हैं इतने नामी लोग

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Toolkit

टूलकिट (Toolkit) मामले के द्वारा पूरे देश को बदनाम करने की रजी साजिश (Razi plot) को पुलिस ने नाकाम कर दिया हैं। गणतंत्र दिवस पर हुई हिंसा (Violence) से पहले 11 जनवरी को हुई जूम बैठक में यह तय हुआ था कि किसान आंदोलन को लेकर तैयार की गई टूलकिट को पूरी दुनिया में भेजा जाएगा। पुलिस अपनी कड़ी मेहनत से इस मामले में जुड़े लोगों को कोने कोने से निकाल रही हैं। बताया जा रहा हैं कि इस मामले में अब कनाडा की महिला यानी  पोएटिक जस्टिस फाउंडेशन (पीएसजे) की सह संस्थापक अनीता लाल का भी नाम सामने आया है। आगे जानिए दिशा रवि ने अब तक की पूछताछ में क्या-क्या बताया।

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ग्रुप में शामिल थे 67 नामी लोग

मामले में गिरफ्तार दिशा रवि ने पूछताछ के दौरान बताया कि टूलकिट बनाने और उसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भेजने के लिए इंटरनेशनल फार्मर्स स्ट्राइक नामक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया गया था। यह ग्रुप 6 दिसंबर को बनकर तैयार हो गया था। इस ग्रुप में 67 नामी लोग शामिल थे, जिनमें कई विदेशी थे। इसी ग्रुप पर टूलकिट का मसौदा तैयार हुआ था। इसके बाद जूम बैठक में ग्रुप के लोगों से कहा गया कि वे अपने जानने वाली अंतरराष्ट्रीय हस्तियों को ये टूलकिट भेजें, ताकि दुनिया को पता चलच चके कि भारत में किसानों पर किस प्रकार की ज्यादती हो रही हैं।

दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग एप जूम को पत्र लिखकर कहा कि मीटिंग में बैठे सभी लोगों की जानकारी हमें बताए। साथ ही बने वाट्सएप की जानकारी भी हमे दे। जो दिशा रवि ने साजिश के चलने बनाया था। मुंबई की वकील और पर्यावरण कार्यकर्ता निकिता जैकब ने सोमवार को स्वीकार किया था कि गणतंत्र दिवस से पहले जूम बैठक हुई थी, जिसमें पीएसजे के संस्थापक एमओ धालीवाल, दिशा रवि समेत 70 लोगों ने हिस्सा लिया था।

आनन फानन में सारे अकाउंट किए डिलीट

इस बीच, मामले में पोएटिक जस्टिस फाउंडेशन (पीएसजे) की सह संस्थापक और वर्ल्ड सिख ऑर्गेनाइजेशन की संस्थापक अनीता लाल का नाम सामने आया है। जांच में पता चला है कि टूलकिट षड़यत्र रचने में अनीता का भी पूरा हाथ था। स्वीडन की पर्यावरण कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग ने जब टूलकिट को ट्वीट किया तो दिशा ने यूएपीए के डर से आनन फानन ट्वीट डिलीट करा दिया। व्हाट्सएप ग्रुप को भी डिलीट कर दिया गया। हालांकि, तब तक सुरक्षा एजेंसियों को इन लोगों के डिजिटल फुटप्रिंट हाथ लग चुके थे। मंगलवार को पुलिस की टीमों ने निकिता जैकब और शांतनु मुलुक की तलाश में छापामारी जारी रखी।

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