खुलासा : पहले ही रची जा चुकी थी 26 जनवरी को हुए उपद्रव की साजिश, कुछ ख़ास ग्रुपों को मिले थे ये निर्देश

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LAL KILA

नई दिल्ली। गणतंत्र दिवस के दिन किसान ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई लाल किले समेत दिल्ली के अन्य स्थानों पर हुई हिंसा की स्क्रिप्ट पहले ही लिखी जा चुकी थी। कुछ ख़ास ग्रुप को पहले नई लाल किले और आईटीओ पर एकत्र होने और हिंसा को भड़काने के निर्देश पहले ही दिए जा चुके थे। इस बात का खुलासा दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की SIT की जांच में हुआ है।

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गौरतलब है कि 26 जनवरी को हुई किसानों की ट्रैक्टर परेड ने लाल किले समेत दिल्ली के भीतर कई स्थानों पर हिंसा का रूप ले लिया था। इस दौरान प्रदर्शनकरियों ने लाल किले और दिल्ली के आईटीओ पर जमकर उपद्रव काटा था। इस उपद्रव को नियंत्रण करने के लिए प्रदर्शनकारियों और दिल्ली पुलिस के बीच कई बार झड़प हुई थी, जिसमें करीब 80 पुलिस कर्मी जख्मी हो गए थे। अब इस मामले की जांच दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच समेत अन्य एजेंसियां कर रही हैं।

SIT की जांच में हुआ खुलासा

क्राइम ब्रांच की SIT की शुरुआती जांच में इस बात का खुलासा हुआ है कि इस हिंसा की साजिश पहले ही रची जा चुकी थी, जानकारी के मुताबिक कुछ ख़ास ग्रुप को लाल किले के अंदर और आईटीओ पर इकट्ठा होने की हिदायत दी गई थी, जिनका मकसद केवल भीड़ में मौजूद रहकर उपद्रव की शुरुआत करना और फिर आंदोलनकारियों को भीड़ का हिस्सा बनाकर उन्हें भी उपद्रव में शामिल करना था।

इक़बाल सिंह पर है 50 हजार का इनाम

पुलिस सूत्रों की मानें तो दिल्ली पुलिस ने जिस इक़बाल सिंह पर 50 हजार का इनाम रखा है। उसका इस साजिश में बड़ा रोल है। उसी ने लाल किले के अंदर भीड़ इकट्ठा की थी और भी भीड़ को किले का लाहौर गेट तोड़ने के लिए उकसाया था। उसकी मंशा लाल किले की प्राचीर पर सबसे ऊपर चढ़ कर अपने धर्म का झंडा फहराने की थी। पुलिस का मानना है कि हिंसा के दौरान के एक वीडियो में नजर आ रहे इक़बाल सिंह को देख कर साफ़ लग रहा है कि वह भीड़ को भड़का रहा है।

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