सीमा पर तनाव के बीच, दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल प्रोजेक्ट का ठेका चीनी कंपनी को मिला

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सीमा पर चल रहे तनाव के बीच दिल्ली मेरठ के बीच बन रहे रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टमं के सेक्शन का ठेका एक चीनी कंपनी को मिला है। इस ठेके को सीमा पर चल रहे तनाव की वजह से पिछले वर्ष रोक दिया गया था। दिल्ली के न्यू अशोक नगर से गाजियाबाद के साहिबाबाद तक के 5.6 लंबे अंडरग्राउंड स्ट्रेच को बनाने का ठेका चीन की शंघाई टनल इंजीनियरिंग कंपनी लिमिटेड को मिला है। नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन देश में पहले रीजनल रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम का विकास किया जा रहा है। वर्ष 2020 में भारत और चीन के बीच सीमा पर तनाव काफी ज्यादा बढ़ गया था। इस बीच इस बात की जानकारी सामने आई कि, चीनी कंपनी ने सबसे कम रकम की बोली लगाई है। लेकिन सीमा पर चल रहे तनाव को देखते हुए कंपनी को दिए गए ठेके पर रोक लगा दी गई थी।

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न्यूज एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन के प्रवक्ता का कहना है कि, तय प्रक्रियाओं और निर्देशों के अनुसार ही ये ठेका दिया गया है। ठेकों की मंजूरी कई स्तरों पर दी गयी है, जिसकी फंडिंग कई एजेंसियों कर रही है। ये बिड प्रक्रिया भी तय निर्देशों के अनुसार ही की गई है। दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडोर के सभी सिविल वर्क का ठेका दिया जा चुका है, जहां निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है।

दिल्ली से मेरठ के बीच सेमी हाई स्पीड रेल कॉरिडोर बनना है, इस प्रोजेक्ट में मेरठ को गाजियाबाद होते हुए दिल्ली से जोड़ा जायेगा। करीब 82 किमी लम्बे रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टमं में 68.03 किमी हिस्सा एलिवेटेड और 14.12 किमी अंडरग्राउंड होगा। इसमें से अंडर ग्राउंड स्ट्रेच को बनाने का ठेका चीनी कंपनी को दिया गया है।

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