CRPF कमांडो के परिजनों ने की रिहाई की मांग, कहा-अभिनन्दन की तरह उन्हें भी छुड़ाया जाए

329
PRADRSHAN

जम्मू। छत्तीसगढ़ में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ के बाद अगवा किये गए सीआरपीएफ कमांडो को छुड़ाने के लिए कमांडों के परिजनों ने बुधवार को सड़क जाम कर प्रदर्शन किया। परिजनों ने सरकार से मांग की कि जिस तरह अभिनन्दन को पाकिस्तान से छुड़ाया गया था उसी तरह से कोबरा कमांडो राकेश्वर सिंह मन्हास को को छुड़ाया जाये।

इसे भी पढ़ें:-ग्रामीणों से सुनाई मुठभेड़ की कहानी, बताया किस तरह से नक्सलियों ने घात लगाकर सुरक्षाबलों पर किया था हमला

गौरतलब है कि शनिवार को नक्सलियों और सुरक्षाबलों के बीच हुई मुठभेड़ में सीआरपीएफ और पुलिस के 22 जवान शहीद ही गए थे।वहीं 31 जवान घायल भी हुए थे। जबकि राकेश्वर सिंह मन्हास को नक्सलियों ने अगवा कर लिया था। माओवादियों ने मंगलवार को देर रात राकेश्वर को अगवा करने की पुष्टि की थी और सरकार से मांग की थी कि यदि वह वार्ताकार नियुक्त करती है तो बातचीत के बाद कमांडो को रिहा कर दिया जाएगा। नक्सलियों के कब्जे में रह रहे जम्मू के लोअर बरनाई के रहने वाले कमांडो मन्हास की पत्नी ने सरकार से उन्हें छुड़ाने को लेकर तत्काल कड़ा कदम उठाने की मांग की है।

पत्नी ने भावुक अपील करते हुए कहा है कि अगर किसी दिन ड्यूटी में थोड़ी से भी देरी हो जाती है तो तुरंत एक्शन होता है, लेकिन वह 4 दिन से अगवा हैं तो उन्हें छुड़ाने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। बता दें कि अगवा किये गए सीआरपीएफ कमांडो मन्हास की 5 साल की एक बच्ची है और परिवार की पूरी जिम्मेदारी उन्हीं के कन्धों पर है। उनकी मां ने भी सरकार से बेटे को जल्द से जल्द रिहा कराने की अपील की है।

नारेबाजी की

उन्होंने कहा, ‘मुझे और कुछ नहीं चाहिए। मुझे सिर्फ अपने बेटे की वापसी चाहिए’ सरकार कहां है? क्या इस सरकार के लिए एक जवान की जान की कोई कीमत नहीं है?’ जम्मू निवासी सीआरपीएफ कमांडो राकेश्वर की रिहाई की मांग के लिए प्रदर्शन कर रहे लोगों ने हाथों में तिरंगे लेकर बरनाई चौक पर धरना प्रदर्शन किया और बीजेपी सरकार व केंद्र शासित प्रदेश के एलजी मनोज सिन्हा के खिलाफ नारेबाजी भी की।

इसे भी पढ़ें:- बड़े ऑपरेशन की तैयारी में गृह मंत्रालय, अमित शाह ने कहा- नक्सलियों के खिलाफ लड़ाई अपने अंतिम दौर में