प्रतिबंधित चीनी एप्स को लेकर अदालतों को जारी किए गए सर्कुलर, जानें क्या है माजरा

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नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की सभी न्यायालयों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को चीनी एप का प्रयोग न करने हिदायत देते हुए एक सर्कुलर जारी किया गया है। जारी सर्कुलर में निर्देश दिया गया है कि वे कोर्ट की वेबसाइट पर किसी भी प्रकार के कागजात को अपलोड करने में कैमस्कैनर जैसे प्रतिबंधित चीनी एप का प्रयोग करना तुरंत बंद कर दें। दरसअल दिल्ली के सभी न्यायालयों में प्रयोग किए जा रहे कैमस्कैनर जो एक चीनी एप है और इसे केंद्र सरकार ने उस समय प्रतिबंधित कर दिया था जब 106 ऐप पर वैन लगाया गया था। दरसअल केंद्र ने इन एप को वैन करते समय कहा था कि इन एप्स का दुर्पुयोग किया जा रहा है।

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गौरतलब है बीते 10 सितंबर को प्रमुख जिला और सत्र न्यायालय के न्यायाधीश के निर्देशों के तहत जारी किए गए सर्कुलर में जिला न्यायालय की वेबसाइट से संबंधित कर्मचारियों को सभी अपलोड किए गए कागजातों के ढूंढने के लिए कहा गया, ये सभी कागजात चीनी एप  कैमस्कैनर का प्रयोग करके स्कैन किए गए थे। ऐसी सभी फाइलें एक अलग ऐप का उपयोग करके फिर से अपलोड की जानी हैं। 25 मार्च को कोरोना के कारण हुए लाकडाउन के बाद से, दिल्ली की सभी न्यायालय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मुकदमों की सुनवाई कर रही हैं।

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वकीलों और अधिकारियों को सभी जरूरी कागजातों को स्कैन करने और संबंधित पक्षों और न्यायाधीश को ईमेल करने की आवश्यकता होती है। सर्कुलर में यह भी उल्लेख किया गया है कि कुछ अधिकारी चीनी ऐप्स पर स्कैन करने के बाद सर्कुलर, जमानत आदेश, दैनिक आदेश आदि की प्रतियां भेज रहे हैं, जो केंद्र सरकार के निर्देशों का उल्लंघन है।

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