कारगर नहीं चीन की वैक्सीन..ब्राजील ने किया ऐसा खुलासा

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एक या दो देश की बात नहीं है ये..बल्कि पूरा विश्व कोरोना के कहर से त्राहि-त्राहि कर रहा है। बहरहाल,  अब ये बातें पुरानी हो चुकी है।  समय आ चुका है कि अब नए दौर नई  कहानियों को लिखा जाए। इसकी पूरी तैयारियां अब मुकम्मल  हो चुकी है। अब हम उस पड़ाव पर दस्तक दे चुके हैं,  जहां कोरोना को मात दिया जा सके। एक तरफ जहां भारत में बहुत ही सस्ती कीमतों पर कोरोना की वैक्सीन बनकर तैयार हो चुकी है। बहुत जल्द ही बड़़े पैमाने पर इसका टिकाकरण शुरू होगा। लेकिन,  उधर चीन को लेकर  जिस तरह के खुलासे ब्राजील ने किए हैं।  वो अब ड्रैगन के लिए चिंता का सबब बन चुका है। सरल शब्दों में कहे तो वो अब अपने ही बुने में जाल में इस कदर फंस चुका है कि उसके लिए अब यहां बच निकलना टेढ़ी खीड़ साबित हो  रही है। ये भी पढ़े :ब्रिटेन से नहीं बल्कि इस देश से आया है कोरोना का न्यू स्ट्रेन, स्वास्थ्य मंत्रालय का बड़ा खुलासा   

बता दें कि ब्राजील ने हाल ही में एक लंबे शोध के परिणामस्वरूप एक डेटा पेश किया है, जिसमें सभी देशों द्वारा तैयार की गई वैक्सीन की कारगर क्षमता को जो खुलासा हुआ है। उसने सभी के होश फाख्ता कर दिए हैं। जहां अमेरिका की  वैक्सीन मॉर्डिना 95 फीसद कारगर पाई गई है। वहीं चीन की  सिनोवेक बायोटक  वैक्सीन महज 50 फीसद ही कारगर साबित हुई है। तीन चरणों के मुकम्मल होने के बाद यह डेटा जारी किए गए हैं। इससे पहले हुई ट्रायल में इसे 75 फीसद कारगर बताया गया था, लेकिन अब इसका ग्राफ 50 फीसद पर आकर ठहर गया है, जो चीन के लिए खतरे का सबब साबित हो रहा है। अब ऐसे में जहां से कोरोना वायरस का पूरी दुनिया में प्रचार प्रसार हुआ है, वहां पर वैक्सीन की ऐसी स्थिति वहां के बाशिंदों के लिए समस्या खड़ी करती हुई नजर आ रही है।

लेकिन.. ड्रैगन अपनी वैक्सीन की शुद्धता की तस्दीक करने के लिए एक से बढकर एक हथकंडे अपना रहा है, लेकिन उसके इन हथकंडों का क्या होगा,  जब जमीन पर इसका कोई सकारात्मक असर ही नहीं दिखेेगा। बता दें कि ब्राजील द्वारा जारी किए गए इस डेटा के बाद चीन ने अपनी वैक्सीन को लेकर कहा कि इस एफकेसी रेट पर कतई ध्यान न दिया जाए।  लेकिन,  अगर चीनी वैक्सीन को लेकर इस तरह की तस्वीर सामने आएगी, तो  लोगों का ध्यान अनायास ही आकृष्ट होगा।  वहीं, अमेरिका  की  फाइजर-बायोएनटेक (Pfizer-BioNTech) वैक्सीन की बात करें  तो तीसरे चरण के ट्रायल में यह 95 फीसद कारगर पाया गया है। ये भी पढ़े :कोरोना वायरस को लेकर बिल गेट्स की भविष्यवाणी, भारत के लिए किया बड़ा दावा