चीन की बखिया उधेड़ने के लिए भारत के साथ आया ये देश, अब किसी भी पल खत्म हो सकता है ड्रैगन का खेल

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चीन के नापाक कदमों पर अंकुश लगाने के लिए अब भारत को जापान का साथ मिल गया है। जहां एक तरफ चीन पूर्वी चीन सागर, दक्षिण चीन सागर समेत पूर्वी लद्दाख में तनाव बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। उसे देखते हुए भारत को जापान का साथ मिलने से चीन सहम चुका है। वो अब खौफ में आ चुका है। इस मसले को लेकर भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की वार्ता जापानी रक्षा मंत्री नोबुओ किशी से हुई। जिसमें दोनों समकक्षों ने चीन के लगातार बढ़ते कदमों पर विराम लगाने के लिए पूरा खाका तैयार किया। ये भी पढ़े :चीनी सेना ने भारतीय सीमा में की घुसपैठ की कोशिश, स्थानीय लोगों ने भगाया

दोनों देश चीन की हिमाकत का माकूल जवाब देने के लिए परस्पर सहयोग के लिए प्रतिबद्ध दिखे। विदित हो कि वर्तमान में चीन पूर्वी लद्दाख के वास्तविक नियंत्रण रेखा के साथ-साथ दक्षिण चीन सागर सहित पूर्वी चीन सागर में अतिक्रमण की कोशिश कर रहा है, जिस पर विराम लगाने के लिए अब भारत को जापान का साथ मिल चुका हैं।  अब  देखना यह होगा कि  भारत और जापान अपनी इस साझेदारी से चीन पर किस तरह का दबाव बनाने में कामयाब रह पाते हैं।इस संदर्भ में विस्तृत बयान जारी करते हुए रक्षा मंत्रालय ने कहा कि  दोनों ही देशोें को खुली समुद्री व्यवस्था पर अपने विचार रखने होंगे अन्यथा स्थिति दुरूह हो सकती है।  बयान में कहा गया है कि महामारी के दौर में भी चीन अतिक्रमण कर रहा है। जहां एक तरफ पूर्वी लद्धाख मेें तनाव बढ़ाने की जुगत में जुटा हुआ है तो वही्ं पूर्वी व दक्षिण चीन सागर में भी अतिक्रमण कर रहा है, लिहाजा उसके  इस कदम पर रोक लगाने के लिए अब इसके आस पास के सभी देशों को एकजुट होना होगा। वहीं हिंद प्रशात क्षेत्र में बढ़ती चुनौतियों से  निपटने के लिए भी भारत लगातार अपनी तैयारियों को पुख्ता कर रहा है। हालांकि इससे पहले भी भारत और जापान चीन को सबक सिखाने के लिए समय-समय पर नया-नया प्लान तैयार करते रहे हैं। कई मौकों पर दोनों ही देशों की सेनाएं युद्धाभ्यास भी कर चुकी है जिसके सकारात्मक असर भी देखे गए हैं, लेकिन अब इस तरह दोनों ही देशोें के साथ आ जाने से यकीनन  चीन को कड़ा सबक सिखाया जा सकेगा। ये भी  पढ़े :हिंसक हुए प्रदर्शनकारी किसान, एसएसपी की गाड़ी में की तोड़फोड़, भाग कर बचाई जान