Saturday, October 16, 2021

बच्चों के वैक्सीनेशन की मिली इजाजत, कब से और पहले किसे दी जाएगी डोज, एक्सपर्ट ने बताया

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देश में कोरोना के खिलाफ जंग जीतने में लड़ाई में भारत को आज एक और अहम हथियार मिल गया है. ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DGCI) ने बच्चों की वैक्सीन को इजाजत दे दी है। इसके बाद 2 से 18 साल के बच्चों को भारत बायोटेक की कोवैक्सीन (Covaxin) की डोज दे सकते हैं। बच्चों की वैक्सीन को मंजूरी मिलने के बाद कई तरह के सवाल भी हैं। आइए जानते सवालों के जवाब…

1. ट्रायल में कितनी सुरक्षित रही ये वैक्सीन?

भारत बायोटेक ने इस साल देशभर के 2 से 18 साल के बच्चों पर कोवैक्सीन का परीक्षण किया था। इन बच्चों को 28 दिन के अंतराल में दो डोज लगाई गई थी। Covaxin May Gets Approval For Children Even Before The Final Report Of The Trial - बच्चों की वैक्सीन: 56 दिनों के ट्रायल पर ही कोवाक्सिन को मिल सकती है मंजूरी, जानें परीक्षणट्रायल में वैक्सीन बच्चों पर काफी असरदार साबित हुई है और इसका कोई साइड इफेक्ट भी दिखाई नहीं दिया। लेकिन इस बात की कोई जानकारी नहीं मिली की बच्चों का वैक्सीनेशन का डोज कब से दिया जाएगा।

2. बच्चों के लिए वैक्सीन की जरूरत क्यों पड़ी?

दुनिया के कई देश ऐसे है जहां बच्चों की कोरोना वैक्सीन आ चुकी है और लगनी भी शुरू हो गई है। एक्सपर्ट भी बच्चों वैक्सीन के पक्ष में हैं। विशेषज्ञ का कहना हैं कि बच्चों को भी कोरोना की वैक्सीन लगनी चाहिए क्योंकि उन्हें भी संक्रमण हुआ है। दूसरी लहर में बड़ी संख्या में बच्चे संक्रमित हुए। हालांकि, भारत में बच्चों पर कोविड का कोई खास असर नहीं पड़ा। बच्चे पूरी तरह सुरक्षित थे। लेकिन आगे किसी तरह का कोई रिस्क नहीं लिया जा सकता है। जिन बच्चों को कोरोना नहीं हुआ है और उन्हें ये वैक्सीन लग जाती है तो उनके लिए अभी तो ये कोरोना के खिलाफ सबसे सुरक्षित तरीका होगा।

3. सबसे पहले किसे दी जाएगी वैक्सीन

बच्चों की वैक्सीन को मंजूरी तो मिल गई है लेकिन कब से बच्चों को इसकी डोज दी जाएगी। केंद्र सरकार बच्चों के वैक्सीनेशन को लेकर गाइडलाइन बना रही है। लेकिन सूत्रों ने बताया है कि स्टॉक ज्यादा नहीं होने की वजह से ये सबसे पहले ये उन्हें लगाई जाएगी जिन्हें कैंसर, अस्थमा या दूसरी कोई गंभीर बीमारी है। इस बारे में मेदांता अस्पताल के चेयरमैन डॉ. नरेश त्रेहन बताते हैं कि जब वयस्कों के लिए वैक्सीनेशन शुरू हुआ था तो भी बुजुर्गों और जिन्हें कोई बीमारी थी, वैसे लोगों को प्राथमिकता दी गई थी. क्योंकि ऐसे लोगों को हॉस्पिटल में एडमिट होने और मौत का खतरा ज्यादा रहता है। इसलिए उनकी जिंदगी बचाने के लिए ये जरूरी था और बच्चों में भी ऐसा ही होना चाहिए।

4. वैक्सीन के बाद फिर क्या स्कूल खुल सकेंगे?

डॉ. त्रेहन कहते हैं कि स्कूल तो ओपन हो गए हैं लेकिन प्रीकॉशन के साथ। हालांकि, छोटे बच्चों को कोविड एप्रोप्रिएट बिहेवियर को मेंटेन करना मुश्किल रहता है। ऐसे में अभी भी बच्चों में संक्रमण का खतरा बना हुआ है। लेकिन जैसे-जैसे वैक्सीनेशन होता रहेगा, वैसे-वैसे लोगों में कॉन्फिडेंस भी बढ़ता रहेगा। जिसके बाद बच्चे स्कूल जाते है तो कोई चिंता की बात नहीं।

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