सेना की सख्ती के चलते आतंकियों ने बदली रणनीति, अब इस ऐप के जरिए कर रहे युवाओं की भर्ती

40

नई दिल्ली। केंद्र सरकार की रणनीति और भारतीय सेना के पराक्रम का असर घाटी में अब दिखने लगा है। आतंकवाद पर भारतीय सेना की सख्त चोट के चलते यहां आतंक का खौफ काफी हद तक समाप्त हो गया है। भारतीय सेना ने आतंकवाद से जुड़े संगठनों की जड़ें हिला दी हैं। इसी के चलते आतंकियों को अब घाटी में भर्ती कर पाना मुश्किल हो गया है। ऐसे में जानकारी मिल रही है कि पाकिस्तान खुफिया एजेंसी आईएसआई और आतंकी संगठनों ने दहशतगर्दों की भर्ती के लिए नया तरीका अपनाया है। खबर है कि आतंकी संगठन युवाओं की भर्ती के लिए मोबाइल ऐप का इस्तेमाल कर रहे हैं। इंटेलिजेंस की रिपोर्ट के मुताबिक सेना की सख्ती के चलते आतंकी संगठनों के लिए सामान्य तौर पर युवाओं की भर्ती करना मुश्किल हो गया है। इसलिए आतंकी संगठन अब टेक्नोलॉजी का सहारा ले रहे हैं।

इसे भी पढ़ें: श्मशान घाट हादसे में अब तक गईं 25 जानें, JE सहित तीन लोग गिरफ्तार, ठेकेदार फरार

घाटी में युवाओं को भड़काने के लिए पाकिस्तान में बैठे आईएसआई के हैंडलर्स उन्हें फर्जी वीडियो दिखा रहे हैं। इन वीडियो जरिए उन्हें गुमराह करने की कोशिश की जा रही है कि सुरक्षा बल क्षेत्र के लोगों पर अत्याचार कर रहे हैं। गौरतलब है कि इससे पहले आतंकी संगठन घाटी के युवाओं से फिजिकली संपर्क करते थे। लेकिन सुरक्षाबलों की सख्ती का नतीजा है कि यहां ऐसा कर पाना मुश्किल ही नहीं असंभव हो गया है। इसी के चलते आतंकी संगठन अब भर्ती करने का नया तरीका ढूंढ़ रहे हैं। आईएसआई और आतंकी संगठन आनलाइन के जरिए अब युवाओं को भड़काने में लगे हुए हैं।

ज्ञात हो कि सुरक्षा एजेंसियों ने वर्ष 2020 में 24 से ज्यादा आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है और 40 से ज्यादा आतंकी समर्थकों को गिरफ्तार भी किया है। फिलहाल इससे माना जा रहा था कि घाटी में आतंकवाद की कमर टूट गई है। लेकिन हाल में सरेंडर करने वाले आतंकी तवर बाघे और आमिर अहमद मीर ने पूछताछ में बड़ा खुलासा किया है। इन्होंने आतंकी संगठनों से जुड़ने के इस नए तरीकों के बारे में बताया। उनके इस खुलासे के बाद यह बात साफ हो गई है कि जम्मू—कश्मीर में बड़े पैमाने पर साइबर रिक्रूटमेंट किया जा रहा है। ये दोनों आतंकी भी फेसबुक के माध्यम से पाकिस्तानी हैंडलर के संपर्क में आए थे।

इसे भी पढ़ें: औवैसी ने पश्चिम बंगाल में दी दस्तक, अब्बास सिद्दीकी से मुलाकात कर जाना राज्य का माहौल