पुलिसकर्मियों ने ली आजीवन शराब न पीने की शपथ, पर भरोसा कैसे करें

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पटना। बिहार में वर्ष 2016 में पूर्ण शराब बंदी लागू हुई थी, बावजूद इसके आज भी अगर इस राज्य में शराब की खेप मिल रही है, तो इसका जिम्मेदार कौन है। इसके लिए अधिकत्तर लोग शासन—प्रशासन को कसूरवार मानेंगे, लेकिन सच यह भी है कि बिहार पुलिस अगर जिम्मेदारी से अपने कर्तव्यों का निर्वाहन किया होता तो शायद बिहार आज पूरी तरह से शराब मुक्त हो चुका होता। फिलहाल इस दिशा में एक और सार्थक कदम उठाते हुए आज राज्य के सभी पुलिसकर्मियों ने आजीवन शराब नहीं पीने की शपथ ली है। साथ ही इन लोगों ने इस बात की भी शपथ ली कि कर्तव्य पर रहे या नहीं, अपने दैनिक जीवन में भी कभी शराब संबंधित गतिविधियों में शामिल नहीं होंगे।

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पुलिस कर्मियों ने इस बात की भी शपथ ली कि शराबबंदी को लागू करने के लिए जो भी विधि-सम्मत कार्रवाई अपेक्षित है, उस पर अमल करेंगे। यदि शराब से संबंधित किसी भी गतिविधि में लिप्त पाए गए तो नियमानुसार कठोर कार्रवाई का भागीदार होंगे। इस शपथ पत्र का प्रारूप पुलिस मुख्यालय की तरफ से जारी किया गया था। इस शपथ पत्र को संबंधित प्रतिष्ठान के वरिष्ठ पदाधिकारी प्रमाणित करेंगे। ज्ञात हो कि बीते दिनों मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में यह निर्णय लिया गया था कि पुलिस विभाग से संबंधित सभी प्रतिष्ठानों में कार्यरत पदाधिकारियों एवं कर्मियों को शराब नहीं पीने के संबंध में एक बार फिर से शपथ दिलायी जाए।

इस संदर्भ में डीजीपी ने सभी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, सभी पुलिस अधीक्षक (रेल सहित) को 21 दिसंबर को सुबह 11 बजे शराब नहीं पीने के लिए शपथ दिलाने का निर्देश दिया था। ओपी में ओपी अध्यक्ष, थाना में थानाध्यक्ष, अंचल में अचंल निरीक्षक, पुलिस उपाधीक्षक कार्यालय में पुलिस उपाधीक्षक व पुलिस अधीक्षक कार्यालय में एसपी (मुख्यालय) इस शपथ पत्र को प्रमाणित करेंगे। इसी क्रम में पुलिस मुख्यालय में अपर पुलिस महानिदेशक (मुख्यालय) के नेतृत्व में शपथ ग्रहण कार्यक्रम हुआ।

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