अब कोरोना से निपटेगी सेना, इस तरह की हो रही तैयारी

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INDIAN ARMY

नई दिल्ली: विश्व भर में महामारी घोषित हो चुके कोरोना से निपटने के लिए सरकार के साथ-साथ अब सेना ने भी कमर कस ली है। सेना ने देश के कई शहरों में आइसोलेशन वार्ड बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इन वार्डों में कोरोना वायरस से संदिग्ध मरीजों को रखा जायेगा। कोरोना के बढ़ते खतरे से दुनिया भर में कर्फ्यू जैसा माहौल बन गया है। कुछ देशों में तो घर से निकलने तक पर पाबंदी लगा दी गयी है। वहीं भारत में भी स्कूल, कालेज, सिनेमा हाल बंद कर दिया गये हैं। लोगों में दहशत का माहौल है।

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सेना बना रही आइसोलेशन वार्ड

जैसे-जैसे कोरोना का खतरा बढ़ता जा रहा है, लोगों में दहशत बढ़ती जा रही है। हालंकि सरकार इससे बचाव के हर संभव प्रयास कर रही है। वहीं अब सेना ने भी इससे निपटने के लिए कमर कस ली है, जिस तरह से कोरोना वायरस पैर पसार रहा है ऐसे में आने वाले समय रोगियों की संख्या में इजाफा हो सकता है। संदिग्ध रोगियों को अलग-थलग रखने के लिए तीनों सेनाओं ने आइसोलेशन वार्ड बनाना शुरू कर दिया है। तीनों सेनाओं ने देश के कई शहरों में चार हजार से ज्यादा बिस्तरों का इंतजाम कर दिया है।

तीन से 10 लाख हो रहा रोज़ खर्च

तीनों सेनाओं के अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड बनाने, रोगियों की पहचान के लिए अलग से ओपीडी शुरू करने व नमूने एकत्र करने की व्यवस्था भी की जा रही है। सेना ने जहां-जहां भी क्वारंटाइन सुविधाएं डेवलप की है वहां-वहां 60-100 तक सैन्यकर्मी और चिकित्सा स्टाफ को तैनात किया गया है। इस सुविधा पर सेना प्रतिदिन तीन से दस लाख रूपये खर्च कर
रही है।

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विदेशी मरीजों का भी कर रही इलाज

थल सेना से मिली जानकारी के अनुसार जोधपुर, जैसलमेर और झांसी में एक-एक हजार संदिग्ध रोगियों को रखने कि व्यवस्था की गयी है। जबकि मानेसर, गया व बिनागुड़ी में तीन-तीन सौ लोगों को रखा जायेगा। वहीं उधमपुर में 1,000 लोगों के लिए क्वारंटाइन सुविधा विकसित की गई है। मानेसर और जैसलमेर केंद्रों पर विदेश से लाये गये मरीजों को रखा गया है।

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