नहीं पहुंची एंबुलेंस तो आर्मी जिप्सी में हुआ नन्हीं परी का जन्म, खुशी से भर आईं पिता की आंखें

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jammu kashmir

जम्मू कश्मीर के कुपवाड़ा के नारीकूट में एक महिला ने जिप्सी में एक फरवरी को जन्म दिया है। इसी सुबह तकरीबन 4:15 बजे भारी बर्फबारी हो रही थी। उसी दौरान महिला को प्रसव पीड़ा होने लगी थी तब एम्बुलेंस को फ़ोन किया गया लेकिन बर्फ़बारी के चलते यातायात पूरी तरह से बाधित था। तो एम्बुलेंस उनके पास नहीं पहुंच सकी। जिसके बाद उन्होंने मदद के लिए सेना के पास फोन किया गया। आशा वर्कर ने फ़ोन पर बताया कि एक महिला को प्रसव पीड़ा हो रही है। बर्फबारी की वजह से एंबुलेंस के साथ ही अन्य कोई वाहन भी नहीं उपलब्ध हो पा रहा है।

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इस फ़ोन कॉल के बाद तुरंत मेडिकल टीम के साथ एक सेना की जिप्सी को नारीकूट भेज दिया गया। गर्भवती महिला की हालत गंभीर होने पर आशा कार्यकर्ता ने टीम से गुजारिश किया कि सड़क किनारे वाहन खड़ा करें। जिसके बाद उसने सेना की मेडिकल टीम के साथ जिप्सी के अंदर ही डिलीवरी कराने का निर्णय किया।

जिसके बाद जिप्सी के अंदर से एक नन्ही बच्ची के रोने की आवाज़ सुन सभी लोग खुशी मनाने लगे। नवजात को देखकर पिता की आंखों में आंसू आ गए। उन्होंने सेना के जवानों को शुभकामनाएं और धन्यवाद कहा। जिसके बाद जच्चा और बच्चा को हॉस्पिटल लाया गया। साथ ही सेना के कंपनी कमांडर ने परिवार को गिफ्ट्स के साथ बधाई दी। सेना ने आशा वर्कर, सादिया बेगम को उनके आत्मविश्वास और विषम परिस्थितियों में उनकी निर्णायक भूमिका के लिए सम्मानित भी किया।

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