हाई कोर्ट का बड़ा आदेश- हत्या की दोषी पत्नी की फैमिली पेंशन नहीं रोक सकती सरकार

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नई दिल्ली। सरकारी कर्मचारी की विधवा अगर पति अगर हत्या की आरोपी है या दोषी भी है तो, उसकी फैमली पेंशन बंद नहीं की जा सकती है। अंबाला निवासी बलजीत कौर की याचिका पर पंजाब-हरियाणा उच्च न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाते हुए ये स्पष्ट कर दिया है। हरियाणा सरकार में बलजीत कौर के पति तरसेम सिंह कर्मचारी थे, जिनकी मृत्यु वर्ष 2008 में हो गई थी। इसके कुछ माह बाद ही उनकी पत्नी बलजीत कौर के खिलाफ ही हत्या का मामला दर्ज हो गया था। कोर्ट ने बलजिंदर कौर 2011 दोषी करार दिया था। कोर्ट के फैसले के बाद राज्य सरकार ने बलजीत कौर को मिलने वाली फैमली पेंशन पर रोक लगा दी थी।

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सरकारी नियमों के अनुसार, किसी भी सरकारी कर्मचारी की अगर मौत हो जाती है तो उसकी पत्नी को नौकरी मिल जाती है। या फिर अगर कोई कर्मचारी सेवानिवृत्ति हो चुका है और तब उसका निधन होता है तो उसकी पत्नी को फैमिली पेंशन मिलती है। बलजीत कौर को जब कोर्ट ने दोषी ठहराया तो राज्य सरकार ने उन्हें जो फैमिली पेंशन मिल रही थी उस पर रोक लगा दी थी। उनका कहना था कि, पत्नी का चाल-चलन ठीक नहीं है, इसके लिए वो दोषी भी करार दी जा चुकी है।

पंजाब-हरियाणा उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार के आदेश को खारिज करते हुए कहा कि, उनके ये आदेश नियमों के विरुद्ध हैं। कोर्ट ने फैसले के दौरान कहा कि, अगर कर्मचारी का आचरण सही नहीं है या फिर उसे किसी गंभीर मामले में सजा मिली हुई है तो उसे अन्य सरकारी मिलने वाले और पेंशन रोकी जा सकती है। वहीं अगर पत्नी का आचरण सही नहीं है और उसे किसी मामले में सजा मिली हुई है तो भी वो पेंशन और अन्य लाभ मिलने चाहिए।

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