बिहार मे स्लीपर सेल की तरह काम कर रहे थे अफगानी नागरिक

37
terrorist

पूर्णिया। देश हमेशा बाहरी आतंकियों और साजिशों को शिकार होता रहा है। इस बार इन साजिशों में कुछ पनाह देने वालों के नाम सामने आये हैं। बिहार के सीमांचल के जिलों में कई प्रतिबंधित आतंकी संगठन स्लीपर सेल का काम कर रहे हंै। पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी, नेपाल, बांग्लादेश में बैठकर आतंकी संगठनों के लोग पूर्णिया, अररिया, कटिहार किशनगंज और मिथिलांचल के मधुबनी, समस्तीपुर और दरभंगा के जिलों में अपना नेटवर्क लगातार फैला रहे हैं। इस स्लीपर सेल का रास्ता सीमाई क्षेत्र ही हैं। बताया जाता है कि नेपाल के विराट नगर से सीमांचल के जिलों में मॉनिटरिंग और फंडिंग का काम आतंकी संगठन के द्वारा स्लीपर सेल में लगे लोगों के लिए किया जा रहा है। कटिहार में पकड़ाए अफगानी नागरिकों से पूछताछ में इस तरह के कई सुराग सुरक्षा एजेंसी और पुलिस की टीम को हाथ लगी हैं। स्लीपर सेल की साजिशों की सूचना मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसी हरकत में आ गई है। गृह मंत्रालय के लखनऊ विंग की टीम लगातार सुरक्षा एजेंसी और खुफिया विभाग की मदद से इस इलाके में पड़ताल में जुट गई है। अफगानी नागरिक से पूछताछ में मिली जानकारी को कटिहार एसपी विकास कुमार के द्वारा सुरक्षा एजेंसी और खुफिया विभाग को सौंप दिया गया है। सुरक्षा एजेंसी के सदस्य केंद्रीय कारा पूर्णिया में बंद पांचों अफगानी नागरिक को पूछताछ के लिए रिमांड पर लेने की तैयारी कर रहा है। पूर्व में भी कटिहार के कदवा और बारसोई से पूर्णिया जिला के जलालगढ़ से कई प्रतिबंधित आतंकी संगठन के सदस्य को सुरक्षा एजेंसियों के द्वारा पकड़े जा चुके हैं। अफगानी नागरिक से मिली जानकारी के बाद सतर्कता बढ़ा दी गई है। चप्पे-चप्पे पर नजर भी रखी जा रही है।

यह भी पढ़ेंः-शिक्षक ने पार की हैवानियत की सभी हदें, पोर्न वीडियो दिखाकर 5 नाबालिग छात्राओं से किया दुष्कर्म

केंद्रीय कारा में लाकर रखे गए पांचों अफगानी नागरिक को अलग-अलग सेल में रखा गया है। 24 घंटे निगरानी भी कारा प्रशासन के द्वारा की जा रही है। सभी अफगानी नागरिकों के पल पल के हरकत पर नजर रखी जा रही है। केंद्रीय कारा उपाधीक्षक मृत्युंजय कुमार ने बताया कि पांचों अफगानी नागरिक को अलग-अलग सेल में उच्च सुरक्षा व्यवस्था के बीच रखा गया है। उन्होंने बताया कि सभी एक ही साथ सेल में रहने की जिद कर रहा था। इन सभी का कटिहार जिले में लीड जल मोहम्मद उर्फ समुत खान करता था और वह स्नातक भी है। सभी आसानी से बांग्लादेश अपने घर आता जाता रहता था। किसी तरह की कोई शक नहीं हो इसलिए सूदखोरी का धंधा करता था और लोगों को काफी आसान तरीके से मोटी रकम कम ब्याज दर पर उपलब्ध करवाता था। कटिहार रेल मंडल होने की वजह से वहां पर अधिकांश कर्मचारियों के द्वारा ब्याज पर रुपया लिया जाता है। जिसका फायदा अफगानी नागरिकों के द्वारा उठाया जा रहा था। मो दाऊद अनपढ़, आमरण खान उर्फ राजा खान बीए पास, मो दाऊद उर्फ शेरगुल खान छहवी पास, गुलाम मोहम्मद सात क्लास पास है। सभी फर्राटेदार हिंदी बोलते हैं यही वजह है कि स्थानीय लोगों को कोई शक नही होता था।

अफगानी नागरिकों के साथ रहने वाली एक मुखबिर ने पुलिस को इन लोगों की करतूत की जानकारी दी थी। इसके बाद ही इन लोगों की पोल खुल गई। सुरक्षा एजेंसी इन सभी को रिमांड पर लेने के बाद इनके कनेक्शन की जानकारी जुटाएगी। खुफिया विभाग के वरिष्ट अधिकारी ने बताया कि अफगानी नागरिकों के कई अन्य सदस्य सीमांचल और मिथिलांचल के कई जिलों में है। जिस पर टीम के द्वारा काम किया जा रहा है और जल्द ही लोगों की गिरफ्तारी की जाएगी। कटिहार के पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने बताया कि पकड़े गए पांचों अफगानी नागरिक से पूछताछ के बाद मिले जानकारी को सुरक्षा एजेंसी खुफिया विभाग को सुपुर्द कर दिया गया है। इस मामले को लेकर पुलिस की टीम भी तहकीकात कर रही है। सतर्कता बढ़ा दी गई है और संदिग्ध लोगों पर लगातार नजर रखी जा रही है। अफगानी नागरिकों ने कई चैंकाने वाले बात भी बताये हैं जिससे आगे जांच में मदद मिलेगी।

यह भी पढ़ेंः-मोदी के साथ एमैनुएल मैक्रों आतंकवाद, उग्रवाद और चरमपंथ को खत्म करेंगे