दालों के तड़कों में छिपे हैं स्वस्थ सेहत के ये राज

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दालें

भारतीय खाने की थाली की रौंनक होती हैं दालें। दाल मखनी हो या दाल तड़का, भारतीय लोगों का खाना चाहे दिन हो या रात इसके बिना अधूरा ही है। चावल और रोटी के साथ तो इसका स्वाद लाजवाब लगता ही है अगर इसमें घर का बना देशी घी हो तो फिर क्या कहना, स्वाद में दोगुना मजा आ जाता हैं। लेकिन इसके अलावा भी आप दाल का इस्तेमाल पकौड़े और सब्जी जैसे कई तरीकों से कर सकते हैं। अरहर दाल ज्यादातर लोगों को पसंद आती है लेकिन मूंग, उड़द और मसूर दाल भी कई तरह के न्यूट्रिशन से भरपूर होती है। बताते है इन दालों में छिपे राज-

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अरहर दाल के फायदे

अरहर की दाल जिसको लोग पीली दाल के नाम से भी जानते है। लगभग सबकी फेवरेट यह दाल कई सारे न्यूट्रिशन के साथ ही फाइबर से भी भरपूर होती है। फाइबर युक्त डाइट लेने से न  सिर्फ पेट लंबे समय तक भरा रहता है बल्कि इससे आप ओवरइटिंग से भी बचते हैं और कम समय में वजन घटा सकते हैं। इसके अलावा अरहर दाल में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट एंजाइम फ्री रेडिकल्स के असर को कम कर हृदय रोग की संभावनाओं को भी कम करता है।

मसूर दाल के फायदे

मसूर की दाल एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होती है। यह दाल हमारे शरीर में होने वाली कई बीमारियों जैस- डायबिटीज़, मोटापा, कैंसर और हार्ट की समस्या जैसी कई समस्याएं दूर रहती हैं। पोषक तत्वों की उच्च मात्रा के लिए पॉलीफेनोल्स और अन्य बायोएक्टिव तत्वों से भरपूर यह दाल खाने के अलावा दवाइयों के लिए भी इस्तेमाल की जाती है। आयुर्वेद के चिकित्सक इसका प्रयोग दवाइयों के लिए भी करते हैं।

चने की दाल के फायदे

चना दाल जिंक, प्रोटीन, कैल्शियम व फोलेट का बेहतरीन सोर्स होती है। इस दाल में फैट कम होता है फैट कम होने की वजह से लोग इसे खाना ज्यादा पसंद करते है। इसे और पौष्टिक बनानने के लिए लोग इसमे लौकी डालकर बनाते है। वजन कम करने वालों के लिए ये बहुत ही फायदेमंद है। चना डाल में मौजूद एमीनो एसिड कोशिकाओं को मजबूत बनाता है। डायबटीज मरीज़ों के लिए यह दाल बहुत अच्छी मानी जाती है। चना दाल में आयरन, प्रोटीन जैसे तत्व भी होते हैं जो हीमोग्लोबिन की समस्या दूर करती हैं।

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