शास्त्रों के अनुसार Tulsi के पत्ते तोड़ने से पहले जान ले सही तरीका, ऐसे तोड़े

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हिंदू धर्म में तुलसी के पौधे का विशेष महत्व है। सभी घरों में तुलसी का पौधा लगाकर रोजाना उसकी पूजा-अर्चना की जाती है। भगवान विष्णु को प्रिय तुलसी से जुड़ी कई पौराणिक मान्यताएं हैं। साथ ही तुलसी को घर में लगाने और उसको खाने के कई वैज्ञानिक फायदे हैं। पर्यावरण को दूषित होने से बचाने सकारात्मक लाने वाले तुलसी के पौधे को घर के सामने लगाने की सलाह दी जाती है।

तुलसी के पौधे में रोजाना नियमित रूप से जल चढ़ाना पूजा करने से जिंदगी में सुख समृद्धि आती है। आपका जीवन खुशियों से परिपूर्ण हो जाता है। आज हम जानते हैं पूजनीय तुलसी के पत्तों को तोड़ने का क्या है सही तरीका…

यह है सही तरीका

-ज्योतिष के मुताबिक रविवार के दिन तुलसी का पत्ता नहीं तोड़ना चाहिए और ना ही इस दिन पौधे पर जल चढ़ाना चाहिए। यही नहीं अमावस्या चतुर्दशी और द्वादशी के दिन भी तुलसी का पत्ता तोड़ना अशुभ माना जाता है। अगर आप ऐसा करते हैं तो आपके जीवन में आर्थिक मुश्किलें पैदा हो सकती हैं।

-सूर्य ढलने के बाद कभी भी तुलसी के पत्तों को नहीं तोड़ना चाहिए ऐसा कहा गया है कि माता तुलसी देवी राधा का ही एक स्वरूप है। शाम के समय श्री राधा रानी वन में श्री कृष्ण के साथ रास रचाने के लिए जाती हैं और अगर आप शाम के समय पति तोड़ते हैं तो उनकी रास में बाधा आती है।

-इसके अलावा सूर्यग्रहण और चंद्रग्रहण में भी तुलसी के पत्तों को नहीं तोड़ना चाहिए।

-कहते हैं तुलसी के पत्तों को नहा कर ही छूना चाहिए इसके अलावा भगवान के भोग के लिए तुलसी के पत्तों का प्रयोग करते समय ध्यान रखें कि पत्ते 11 से ज्यादा नहीं होने चाहिए।

-घर में कभी भी सूखा हुआ तुलसी का पौधा नहीं रखना चाहिए। ऐसा करना अशुभ माना गया है। अगर आपके घर का पौधा सूख गया है तो उसे किसी पवित्र नदी में विसर्जित कर दें।

-साथ ही तुलसी के पत्तों को कभी भी नाखून से नहीं तोड़ना चाहिए बल्कि उंगली के कोर से तोड़ना चाहिए। हो सके तो तुलसी के गमले में पहले से गिरी हुई तो उसी का ही प्रयोग करना चाहिए।

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