टेरर फंडिंग के मामले में मुंबई हमले के मास्टरमाइंड लखवी को मिली 15 साल की सजा

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नई दिल्ली। टेरर फंडिंग से जुड़े एक मामले में पाकिस्तान की कोर्ट ने लश्कर-ए-तैयबा के ऑपरेशनंस कमांडर आतंकी जकीउर रहमान लखवी को 15 वर्ष की सजा सुनाई है। टेरर फंडिंग से सम्बंधित मामले में पिछले दिनों आतंकी लखवी को गिरफ्तार किया गया था। लाहौर की एंटी टेररिज्म कोर्ट ने लखवी की सजा का एलान आज किया है। गौरतलब है कि, भारत में वर्ष 2008 में मुंबई में हुए आतंकी हमले का जकीउर रहमान लखवी मास्टरमाइंड था। उसके खिलाफ लाहौर में टेरर फंडिंग का मुकदमा दर्ज है। आतंकी पर आरोप है कि, वो डिस्पेंसरी के नाम पर फण्ड इकट्ठा करता था, जिसका इस्तेमाल फिर वो आतंकी गतिविधियों में करता था। उसका मुख्य काम था नए आतंकियों को तैयार करना।

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संयुक्त राष्ट्र द्वारा भी जकीउर रहमान लखवी को आतंकी घोषित किया जा चुका है, लेकिन उसे पाकिस्तान में पूरा संरक्षण मिला हुआ था। उसे लंबे वक़्त से गिरफ्तार नहीं किया जा रहा था। जब वित्तीय कार्रवाई कार्य बल (FATF) द्वारा पाकिस्तान पर ठोस एक्शन लिया गया तो अब दबाव में आए पाकिस्तान ने उसे जेल में डाला है और उसके खिलाफ मामला भी दर्ज हुआ है। इन मामलों में आतंकी लखवी दोषी भी पाया गया है। 2008 में मुंबई में हुए हमलों का मास्टर माइंड हाफिज सईद और जकीउर रहमान लखवी दोनों हैं।

इस आतंकी हमले के मामले में भी उसे जेल हुई थी, जिसके बाद उसे वर्ष 2015 में जमानत भी मिल गयी थी, तब से वो बाहर ही था। पिछले दिनों जब दबाव में लखवी को दोबारा गिरफ्तार किया गया तो अमेरिका ने भी ख़ुशी जाहिर की थी। फाइनेंशियल एक्शन टॉस्क फोर्स की जनवरी-फरवरी में बैठक होगी। उससे पहले पाकिस्तान दुनिया को दिखाना चाहता है कि, वो आतंकियों के खिलाफ कदम उठा रहा है। FATF उन देशों को भारी फंडिंग करती है, जो आतंक के खिलाफ जंग लड़ रहे हैं।

पाकिस्तान पर पिछले काफी आरोप लगते रहे हैं कि, वो सिर्फ संस्था ने आतंक के खिलाफ जंग लड़ने का दिखावा करता रहा है। इसकी वजह से उस पर ग्रे लिस्ट में जाने का खतरा बना हुआ है। यही वजह है कि, वो अब आतंकियों पर लगातार कार्रवाई कर रहा है।

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