58 साल बाद नागालैंड ने 13वीं विधानसभा में रचा एक नया इतिहास

73
Nagaland

नागालैंड (Nagaland) विधानसभा में 13वीं विधानसभी के सातवें सत्र में एक इतिहास रचा (Created history) है। विधानसभी में 58 साल में पहली बार सत्र की शुरूआत देश का राष्ट्रगान के साथ की। करीब एक सप्ताह पहले रचा गया था। राज्यपाल आरएन रवि के अभिभाषण से पहले राष्ट्रगान के साथ की गई।

इसे भी पढ़ें-विरासत : 22 भाषाओं को मिलेगी यह पहचान, 2021 सत्र से शामिल हुई मातृभाषा

पहली बार गूंजा राष्ट्रगान

नागालैंड राज्य 1 दिसंबर, 1963 को अस्तित्व में आ गया था। जनवरी, 1964 में पहली बार विधानसभा चुनाव के बाद निर्वाचित सरकार अस्तित्व में आई और 11 फरवरी, 1964 को पहली विधानसभा गठित की गई उसके बाद भी राज्य की विधानसभा में कभी ‘जन गण मन’ की धुन नहीं गूंजी थी। हालांकि विधानसभा आयुक्त डॉ. पीजे एंटनी का कहना है कि विधानसभा में राष्ट्रगान गाने में किसी प्रकार की कोई रोक नहीं थी। लेकिन इसके बावजूद यहां राष्ट्रगान क्यों नहीं गाया जाता था, इसको लेकर कुछ कहा नहीं जा सकता।

राज्यपाल ने दी अनुमति

इस बार विधानसभा स्पीकर शारिंगेन लोंगकुमेर ने 58 साल बाद राज्यपाल के अभिभाषण से पहले राष्ट्रगान बजवाने का निर्णय लिया और इसके लिए मुख्यमंत्री नेफियू रियो के नेतृत्व वाली सरकार की सहमति ली गई। इसके बाद 12 फरवरी को 7वें सत्र की शुरुआत से पहले राज्यपाल के आने पर पहली बार राष्ट्रगान बजाया गया और मास्क पहने हुए सभी विधायकों ने एक साथ खड़े होकर पूरे सम्मान के साथ देश के राष्ट्रगान को सम्मान भी किया।

तेजा से वायरल हुआ वीडियो

नागालैंड विधानसभा में पहली बार यह इतिहास रच कर एक अलग पहचान बनाई है। उनका यह इतिहास जोरों से सोशल मीडिया पर छाया है। सत्र के दौरान भवन में पहली बार ‘जन गण मन’ गूंजने और सभी विधायकों के सावधान की मुद्रा में खड़े होकर उसे सम्मान देने के इस ऐतिहासिक नजारे का वीडियो सोशल मीडिया पर भी जमकर वायरल हो गया है। इसे बहुत सारी हस्तियों ने शेयर करते हुए इस बात की खुशी जताई है।

इसे भी पढ़ें-समाजसेवी डॉक्टर ने परिवार के सदस्यों को दिया मौत का इंजेक्शन, लगाई फांसी, सन्न रह गए लोग