अमेरिका में तोड़ी गई गांधी की प्रतिमा को लेकर भारत ने दर्ज कराया विरोध

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वॉशिंगटन। कई बार ऐसा होता है की भारत में कोई घटना घटती है तो उसकी गूंज अमेरिका तक में सुनाई पड़ती है। इसी कड़ी में बीते 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस पर भारत में हिंसक हुए किसान आन्दोलन का असर अमेरिका में दिखा था। यहां भी खालिस्तानी समर्थकों ने तीन नए कृषि कानूनों के विरोध में भारतीय दूतावास के बाहर प्रदर्शन किया था। वहीं यहां कैलिफोर्निया के एक पार्क में लगी महात्मा गांधी की प्रतिमा के साथ भी कुछ उपद्रवियों ने तोड़ फोड़ की। अब यहां रहने वाले भारतीय इस मामले में जांच की मांग कर रहे हैं। इसी कड़ी में इस मामले में भारत में भी अपना विरोध दर्ज कराया गया है।

इस मामले में विदेश मंत्रालय का कहना है कि वॉशिंगटन स्थित भारतीय दूतावास ने इस मामले को अमेरिकी विदेश मंत्रालय में उठाया है और केस के जांच की मांग की है। बता दें कि अमेरिका के नॉर्दर्न कैलिफोर्निया में डेविस शहर के सेंट्रल पार्क में लगी थी महात्मा गांधी की 6 फीट लंबी और करीब 294 किलो वजनी कांसे की प्रतिमा को कुछ उपद्रवियों ने तोड़ दिया। प्रतिमा के टखने को काटा गया है और उसका चेहरे का हिस्सा भी गायब है। मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो गांधी की टूटी प्रतिमा पार्क के एक कर्मचारी को 27 जनवरी की सुबह मिली थी।

चार साल पहले लगी थी मूर्ति 

फ़िलहाल प्रतिमा को सुरक्षित स्थान पर रख दिया गया है, लेकिन जांचकर्ता अभी भी यह पता नहीं लगा सके हैं कि वास्तव में प्रतिमा को कब तोड़ा गया और इसके पीछे क्या कारण था। अब यहां रहने वाले भारतीय मांग कर रहे है कि पुलिस इस केस की जांच हेट क्राइम के केस की तरह करे। भारत ने भी इस मामले को लेकर विरोध दर्ज कराया है। बता दें कि गांधी की यह प्रतिमा भारत सरकार की तरफ से डेविस शहर को दी गई थी। इसे शहर में चार साल पहले लगाया गया था।

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