कोरोना वैक्सीन की वेश्याओं ने की मांग, कहा – हम भी हैं फ्रंटलाइन वर्कर्स

220

नई दिल्ली। दुनिया के सभी देश कोरोना की चपेट में हैं। संक्रमण की लहर लगातार देशों को प्रभावित कर रही है। कोरोना से बचने के लिए बाजार में वैक्सीन तो उपलब्ध है लेकिन ये सभी को एक साथ मिल नहीं पा रही है। कई देशों में जनता को वैक्सीन के डोज दिए जा रहे हैं। सबसे पहले फ्रंट लाइन्स वर्कर्स को वैक्सीन दी जा रही है क्योंकि उनकी संक्रमित होने की संभवना सबसे ज्यादा है। वहीं ब्राज़ील के दक्षिणपूर्व शहर बेलो होरिजोंटे में पिछले 7 दिनों से वेश्याएं धरने पर बैठी हुई हैं। उनकी मांग है कि कोरोना वैक्सीन का डोज उन्हें भी दिया फ्रंट लाइन्स की तरह पहले दिया जाए। कोरोना काल के दौरान इन महिलाओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

इसे भी पढ़ें:- हाईकोर्ट का बड़ा फैसला : अब कार में बैठे व्यक्ति के लिए भी मास्क हुआ अनिवार्य

देश में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए होटल बंद चल रहे हैं। इस वजह से हजारों वेश्याओं की सेवाएं प्रभावित हो रही है। अब उन्हें किराए पर कमरे लेने पड़ रहे हैं। वेश्याओं के संघ की अध्यक्ष सीडा विएरा का कहना है कि हम भी फ्रंटलाइन वर्कर्स हैं, हम फ्रंटलाइन में ही खड़े हैं। हम देश की अर्थव्यवस्था भी चला रहे हैं, कोरोना काल में हम पर भी जोखिम की तलवार लटकी हुई है।

हमे भी वैक्सीन के डोज की जरूरत है। सीडा अपनी संघ की महिलाओं के साथ सोमवार को धरना देते हुई दिखी थीं। उनका कहना है कि जहां वेश्याएं अपना व्यापार करती थीं। उन होटलों को कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए बंद कर दिया गया है। अब उस ही गली के बाहर संघ की महिलाएं विरोध प्रदर्शन कर रही हैं।

उनका कहना है कि हम रोजाना ही अलग-अलग लोगों से मिलते हैं। अपने जीवन को हम मुश्किल में डाल रहे हैं। ऐसे में सरकार को को हमे भी स्वास्थ्य कर्मचारियों, अध्यापकों, बुजुर्गों की तरह कोरोना वैक्सीन देनी चाहिए। ब्राजील के हालात बेहद खराब है और देश कोरोना के मामलों में दूसरे नंबर है। देश में अब तक 3,32,000 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।

इसे भी पढ़ें:- कोरोना के नए वेरिएंट को पहचान नहीं पाए भारतीय वैज्ञानिक, अब सता रहा है इस बात डर