मध्य प्रदेश के सतना जिले से एक हैरान करने वाला लेकिन खुशी से भरा मामला सामने आया है, जहां एक महिला ने महज 83 मिनट के भीतर तीन बच्चों को जन्म दिया। यह घटना जिला अस्पताल में हुई, जिसने डॉक्टरों और परिजनों दोनों को आश्चर्य में डाल दिया। तीनों नवजातों में दो बेटे और एक बेटी शामिल हैं। खास बात यह है कि सभी बच्चे और उनकी मां पूरी तरह स्वस्थ हैं। इस तरह का मामला आमतौर पर कम देखने को मिलता है, इसलिए इसे एक दुर्लभ और खास घटना माना जा रहा है। अस्पताल प्रशासन ने भी इसे एक सफल और संतोषजनक प्रसव बताया है।
पहले से चार बच्चों की मां बनी सात बच्चों की जननी
जानकारी के अनुसार, महिला Panna जिले के उजनेही थाना क्षेत्र के सलेहा गांव की रहने वाली कंचन सोनी (34) हैं। उनके पति रमेश सोनी ने बताया कि कंचन पहले से ही चार बच्चों की मां हैं, जिनकी उम्र 11, 9, 7 और 5 वर्ष है। अब एक साथ तीन बच्चों के जन्म के बाद उनका परिवार और बड़ा हो गया है। इस तरह कंचन अब कुल सात बच्चों की मां बन चुकी हैं। परिवार के सदस्यों ने बताया कि गर्भावस्था के पांचवें महीने में ही सोनोग्राफी के जरिए यह पता चल गया था कि महिला के गर्भ में तीन शिशु हैं। इसके बावजूद सामान्य प्रसव से तीनों बच्चों का जन्म होना परिवार के लिए किसी खुशी से कम नहीं है।
एक-एक कर जन्मे तीनों नवजात
परिजनों के अनुसार, कंचन को 26 अप्रैल की शाम प्रसव पीड़ा शुरू हुई, जिसके बाद उन्हें पहले स्थानीय अस्पताल ले जाया गया और फिर बेहतर इलाज के लिए सतना जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। 27 अप्रैल की रात को उन्हें तेज लेबर पेन हुआ और इसके बाद प्रसव की प्रक्रिया शुरू हुई। पहला बच्चा रात 10:34 बजे, दूसरा 10:45 बजे और तीसरा 11:57 बजे जन्मा। इस तरह कुल 83 मिनट में तीनों बच्चों का जन्म हुआ। डॉक्टरों ने बताया कि नवजातों का वजन क्रमशः 2 किलोग्राम, 2.300 किलोग्राम और 2.650 किलोग्राम है, जो सामान्य सीमा में आता है। इस पूरे घटनाक्रम को अस्पताल के स्टाफ ने सावधानी और विशेषज्ञता के साथ संभाला।
मां और बच्चे पूरी तरह स्वस्थ
अस्पताल के गायनी विभाग की प्रमुख डॉ. मंजू सिंह ने बताया कि तीन बच्चों का सामान्य प्रसव से जन्म लेना एक सकारात्मक संकेत है। उन्होंने कहा कि आमतौर पर ऐसे मामलों में ऑपरेशन की जरूरत पड़ती है, लेकिन इस केस में बिना सर्जरी के सफल प्रसव होना उल्लेखनीय है। फिलहाल मां और तीनों नवजातों को पीएनसी वार्ड में रखा गया है, जहां विशेषज्ञों की निगरानी में उनकी देखभाल की जा रही है। डॉक्टरों के अनुसार, सभी की हालत स्थिर और संतोषजनक है। इस घटना ने न केवल परिवार को खुशी दी है, बल्कि अस्पताल के लिए भी यह एक सफल चिकित्सा उदाहरण बन गया है।