सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और मॉडल हर्षा रिछारिया ने अपने जीवन का बड़ा और चौंकाने वाला फैसला लेते हुए संन्यास ग्रहण कर लिया है। यह घटना मध्य प्रदेश के Ujjain में हुई, जहां उन्होंने विधिवत धार्मिक अनुष्ठानों के बाद गृहस्थ जीवन का त्याग कर दिया। संन्यास लेने के बाद उनका नया नाम स्वामी हर्षानंद गिरि रखा गया है। उनके इस फैसले ने सोशल मीडिया और धार्मिक जगत दोनों में चर्चा तेज कर दी है।
धार्मिक अनुष्ठानों के साथ किया संन्यास ग्रहण
सूत्रों के अनुसार हर्षा रिछारिया ने मौनी तीर्थ आश्रम में पंचायती निरंजनी अखाड़े के पीठाधीश्वर Swami Sumananand Giri के सानिध्य में संन्यास ग्रहण किया। इस दौरान उन्होंने परंपरागत विधि से पिंडदान, तर्पण और श्राद्ध जैसे सभी धार्मिक संस्कार पूरे किए। इसके बाद शिखा और दंड त्याग की प्रक्रिया भी विधिवत कराई गई, जो संन्यास परंपरा का अहम हिस्सा मानी जाती है। पूरे अनुष्ठान के दौरान बड़ी संख्या में संत और श्रद्धालु मौजूद रहे।
‘सनातन धर्म और समाज सेवा को जीवन समर्पित’
संन्यास ग्रहण करने के बाद हर्षा रिछारिया ने कहा कि यह उनके जीवन का नया अध्याय है, जिसे उन्होंने गुरु के मार्गदर्शन में चुना है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अब उनका पूरा जीवन सनातन धर्म और समाज सेवा के लिए समर्पित रहेगा। उनके अनुसार ग्लैमर और सोशल मीडिया की दुनिया को छोड़कर आध्यात्मिक मार्ग अपनाना एक सोच-समझकर लिया गया निर्णय है। इस घोषणा के बाद उनके फॉलोअर्स में मिश्रित प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।
झांसी से शुरू हुआ सफर, सोशल मीडिया से मिली पहचान
हर्षा रिछारिया मूल रूप से उत्तर प्रदेश के Jhansi की रहने वाली हैं, जबकि वर्तमान में उनका परिवार Bhopal में रहता है। उनके पिता एक बस कंडक्टर हैं और माता बुटीक चलाती हैं। वहीं उनके भाई निजी क्षेत्र में कार्यरत हैं। मॉडलिंग और सोशल मीडिया से पहचान बनाने के बाद वह अक्सर चर्चा में रही हैं, खासकर महाकुंभ से जुड़े एक वायरल वीडियो के बाद उन्हें ‘महाकुंभ वायरल गर्ल’ के नाम से भी जाना जाने लगा। अब उनके संन्यास लेने के फैसले ने उनके जीवन की दिशा पूरी तरह बदल दी है।
हर्षा रिछारिया का यह निर्णय न सिर्फ उनके व्यक्तिगत जीवन का बड़ा बदलाव है, बल्कि यह सोशल मीडिया और आध्यात्मिक जीवन के बीच एक नई बहस को भी जन्म दे रहा है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि वह अपने नए आध्यात्मिक मार्ग पर कैसे आगे बढ़ती हैं।
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